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उम्मीद की मशाल: पब्लिक स्कूल का निकाला तोड़, सरकारी स्कूलों को बनाया बेजोड़, प्रधानाध्यापिका हेमन संत ने किया चमत्कार
Mon, 02 May 2022 04:34 PM IST
शिखा पांडेय
पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर
पंकज प्रसून, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 02 May 2022 04:34 PM IST
सार
हेमन संत ने विद्यालय प्रभारी के रूप में प्राथमिक विद्यालय मेडिकल कॉलेज कैं पस का जीर्णोद्घार कराया। यहां पर स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक फर्नीचर, कार्यालय में सोफा, छात्रों के लिए लाइब्रेरी, पानी के लिए सबमर्सिबल का इंतजाम करवाया। छात्रों की उपस्थिति शत प्रतिशत सुनिश्चित करवाई।
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बच्चों के साथ मौजूद शिक्षिका हेमन संत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ये राहें ले ही जाएंगी मंजिल तक हौसला रखो, कभी सुना है कि अंधेरों ने सवेरा होने नहीं दिया। इन्हीं उम्मीदों के साथ प्राथमिक स्कूलों की दशा सुधारने में लगी हैं शिक्षिका हेमन संत। 1953 बैच के आईआरएस बीआर संत और डॉ. सरस्वती संत की बेटी हेमन ने एक ऐसी मुहिम छेड़ रखी है, जिसकी लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही है।
अभी तक जहां-जहां उनकी तैनाती रही, उन स्कूलों को उन्होंने पढ़ाई, सुविधाओं, साफ सफाई आदि के मामलों में पब्लिक स्कूलों के बराबर लाकर खड़ा कर दिया है। इन प्रयासों के लिए उन्हें सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं से कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। वर्ष 2006 में प्राथमिक विद्यालय रौतापुर से शिक्षिका के रूप में सफर शुरू करने वाली पांडु नगर निवासी हेमन संत अब प्रधानाध्यापिका हैं।
प्राथमिक विद्यालयों को बनाया मॉडल
हेमन संत ने विद्यालय प्रभारी के रूप में प्राथमिक विद्यालय मेडिकल कॉलेज कैं पस का जीर्णोद्घार कराया। यहां पर स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक फर्नीचर, कार्यालय में सोफा, छात्रों के लिए लाइब्रेरी, पानी के लिए सबमर्सिबल का इंतजाम करवाया। छात्रों की उपस्थिति शत प्रतिशत सुनिश्चित करवाई। इसी तरह पीएस गर्ल्स प्रथम खलासी लाइन का भी कायाकल्प किया। तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इसे आदर्श विद्यालय घोषित किया। यहां छात्रों को प्रोत्साहित करने संबंधी स्लोगन लिखे हैं। बच्चों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए चेकअप कराया जाता है। इससे पहले मंधना के स्कूल में पब्लिक स्कूलों की तरह वर्क शीट पर काम करना सिखाया। परिसर में पौधे भी लगवाए। सफाई का भी विशेष ध्यान दिया।
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अभी तक जहां-जहां उनकी तैनाती रही, उन स्कूलों को उन्होंने पढ़ाई, सुविधाओं, साफ सफाई आदि के मामलों में पब्लिक स्कूलों के बराबर लाकर खड़ा कर दिया है। इन प्रयासों के लिए उन्हें सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं से कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। वर्ष 2006 में प्राथमिक विद्यालय रौतापुर से शिक्षिका के रूप में सफर शुरू करने वाली पांडु नगर निवासी हेमन संत अब प्रधानाध्यापिका हैं।
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प्राथमिक विद्यालयों को बनाया मॉडल
हेमन संत ने विद्यालय प्रभारी के रूप में प्राथमिक विद्यालय मेडिकल कॉलेज कैं पस का जीर्णोद्घार कराया। यहां पर स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक फर्नीचर, कार्यालय में सोफा, छात्रों के लिए लाइब्रेरी, पानी के लिए सबमर्सिबल का इंतजाम करवाया। छात्रों की उपस्थिति शत प्रतिशत सुनिश्चित करवाई। इसी तरह पीएस गर्ल्स प्रथम खलासी लाइन का भी कायाकल्प किया। तत्कालीन जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने इसे आदर्श विद्यालय घोषित किया। यहां छात्रों को प्रोत्साहित करने संबंधी स्लोगन लिखे हैं। बच्चों के स्वास्थ्य की देखरेख के लिए चेकअप कराया जाता है। इससे पहले मंधना के स्कूल में पब्लिक स्कूलों की तरह वर्क शीट पर काम करना सिखाया। परिसर में पौधे भी लगवाए। सफाई का भी विशेष ध्यान दिया।
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बेटों की बनाई शीट वर्क से कराई पढ़ाई
हेमन के अनुसार उनके दोनों बेटे पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे। उन्हें अपने बच्चों के साथ ही स्कूल के बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देना था। इस परेशानी का समाधान भी उनके बेटों ने ही दिया। बच्चे अपने साथ उनके स्कूल के बच्चों के लिए भी शीट वर्क तैयार कर देते थे, जिसके आधार पर बेटों का होम वर्क भी करा देती थीं और प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की भी पढ़ाई करवाती थीं। इसका बेहतर परिणाम भी सामने आया। यहीं से उन्होंने प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए पब्लिक स्कूलों के स्तर की शिक्षा देने की शुरुआत कर दी।
मिल चुके हैं कई सम्मान
2014 : सफाई अभियान के लिए जिलाधिकारी से प्रशस्ति पत्र
2016 : स्कूल चलो अभियान के लिए बीएसए से सम्मानित
2017 : आदर्श विद्यालय बनाने के लिए सम्मान पत्र
2017 : शिक्षक दिवस पर आदर्श अध्यापिका का सम्मान
2018: विद्यालय का शैक्षिक स्तर बढ़ाने पर प्रशस्ति पत्र
2019 : जी टेट संस्था से शिक्षा में जीरो इन्वेस्टमेंट के लिए टीचर इनोवेशन अवार्ड
अन्य सम्मान : शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान नरवल से स्वास्थ्य व स्वच्छता प्रमाण पत्र
हेमन के अनुसार उनके दोनों बेटे पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे। उन्हें अपने बच्चों के साथ ही स्कूल के बच्चों की शिक्षा पर भी ध्यान देना था। इस परेशानी का समाधान भी उनके बेटों ने ही दिया। बच्चे अपने साथ उनके स्कूल के बच्चों के लिए भी शीट वर्क तैयार कर देते थे, जिसके आधार पर बेटों का होम वर्क भी करा देती थीं और प्राथमिक विद्यालय के बच्चों की भी पढ़ाई करवाती थीं। इसका बेहतर परिणाम भी सामने आया। यहीं से उन्होंने प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के लिए पब्लिक स्कूलों के स्तर की शिक्षा देने की शुरुआत कर दी।
मिल चुके हैं कई सम्मान
2014 : सफाई अभियान के लिए जिलाधिकारी से प्रशस्ति पत्र
2016 : स्कूल चलो अभियान के लिए बीएसए से सम्मानित
2017 : आदर्श विद्यालय बनाने के लिए सम्मान पत्र
2017 : शिक्षक दिवस पर आदर्श अध्यापिका का सम्मान
2018: विद्यालय का शैक्षिक स्तर बढ़ाने पर प्रशस्ति पत्र
2019 : जी टेट संस्था से शिक्षा में जीरो इन्वेस्टमेंट के लिए टीचर इनोवेशन अवार्ड
अन्य सम्मान : शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान नरवल से स्वास्थ्य व स्वच्छता प्रमाण पत्र
परिचय
नाम : हेमन संत,
निवास : पांडु नगर
पद : प्रधानाध्यापिका, पीएस गर्ल्स प्रथम खलासी लाइन कानपुर
शिक्षा : बीएड, विशिष्ट बीटीसी, वर्तमान में विधि स्नातक की पढ़ाई जारी
पति : संजय सिंह जाटव पूर्व एजीए (प्रथम) हाईकोर्ट एवं पूर्व अधिकारी वायु दूत एयर लाइंस व एयर इंडिया
बच्चे : जय विक्रम सिंह, यश विक्रम सिंह
नाम : हेमन संत,
निवास : पांडु नगर
पद : प्रधानाध्यापिका, पीएस गर्ल्स प्रथम खलासी लाइन कानपुर
शिक्षा : बीएड, विशिष्ट बीटीसी, वर्तमान में विधि स्नातक की पढ़ाई जारी
पति : संजय सिंह जाटव पूर्व एजीए (प्रथम) हाईकोर्ट एवं पूर्व अधिकारी वायु दूत एयर लाइंस व एयर इंडिया
बच्चे : जय विक्रम सिंह, यश विक्रम सिंह