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सपाइयों ने रौंदा शांति-सद्भाव
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Wed, 13 Jan 2016 01:39 AM IST
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शांति और सद्भाव की आशा यात्रा को सपाइयों ने उत्पात यात्रा में बदल दिया। सपाइयों के उत्पात के कारण मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शांति और सद्भाव की आशा यात्रा में पैदल शामिल नहीं हो सके और कार से सीधे ग्रीनपार्क स्टेडियम पहुंच।
इसके बाद सपाइयों ने जबरन ग्रीनपार्क में घुसने की कोशिश की और डायरेक्टर पवेलियन के गेट का ताला तोड़ डाला। गेट का शीशा भी तोड़ा। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के दो टुकड़े कर डाले। डायरेक्टर पवेलियन गेट पर मंत्री यासर शाह, कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन सहित तमाम नेताओं और अधिकारियों से भी धक्का-मुक्की की। मीडिया से भी बदसलूकी की गई। आपाधापी मची और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस चक्कर में भगदड़ मची, जिसमें तमाम लोग घायल हो गए।
मुख्यमंत्री मंगलवार को आशा यात्रा में हिस्सा लेने शहर आए थे। उन्हें फूलबाग से ग्रीनपार्क तक पैदल यात्रा में शामिल होना था लेकिन सपाइयों के उत्पात को देखते हुए वे कार में सवार होकर सीधे ग्रीनपार्क स्टेडियम पहुंच गए। यह देखकर सपाई ग्रीनपार्क की तरफ भागे और मुख्यमंत्री गैलरी वाले गेट से घुसने लगे।
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पुलिस ने रोका तो हाथापाई, गालीगलौज होने लगी। एसएसपी शलभ माथुर ने खुद मोर्चा संभाला। रस्सा लगाकर भीड़ को गेट के पीछे धकेला लेकिन भीड़ नियंत्रित नहीं हो सकी। आपाधापी में एसएसपी का बिल्ला गिर गया। डीएम कौशल राज शर्मा माइक से शांति, सद्भाव की अपील करते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
हालात बेकाबू होते देख कमिश्नर सहित तमाम अफसर, नेता भी डायरेक्टर पवेलियन गेट पर पहुंच गए तो सपाइयों ने इनसे भी धक्का-मुक्की की। एक पुलिस कर्मी ने भी कमिश्नर को धक्का दे दिया तो एसएसपी ने बीच बचाव करके मामला संभाला। इसी चक्कर में कमिश्नर को कुछ देर के लिए गेट के बाहर रुकना पड़ा।
जब भीड़ नियंत्रित नहीं हुई तो पुलिस ने लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर किया। इससे भगदड़ मची और तमाम लोग गिरकर चुटहिल हो गए। महिला कल्याण मंत्री अरुणा कोरी, विधायक मुनींद्र शुक्ला को भी धक्के खाने पड़े। आपाधापी में लाल सिंह तोमर गिर पड़े, उन्हें चोटें भी आईं।
छात्रनेता सिराज हुसैन सहित तमाम सपाइयों को भी लाठी पड़ी। सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की इस कारस्तानी से आशा यात्रा में शामिल लोग दहशत में दिखे।
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इसके बाद सपाइयों ने जबरन ग्रीनपार्क में घुसने की कोशिश की और डायरेक्टर पवेलियन के गेट का ताला तोड़ डाला। गेट का शीशा भी तोड़ा। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर के दो टुकड़े कर डाले। डायरेक्टर पवेलियन गेट पर मंत्री यासर शाह, कमिश्नर मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन सहित तमाम नेताओं और अधिकारियों से भी धक्का-मुक्की की। मीडिया से भी बदसलूकी की गई। आपाधापी मची और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस चक्कर में भगदड़ मची, जिसमें तमाम लोग घायल हो गए।
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मुख्यमंत्री मंगलवार को आशा यात्रा में हिस्सा लेने शहर आए थे। उन्हें फूलबाग से ग्रीनपार्क तक पैदल यात्रा में शामिल होना था लेकिन सपाइयों के उत्पात को देखते हुए वे कार में सवार होकर सीधे ग्रीनपार्क स्टेडियम पहुंच गए। यह देखकर सपाई ग्रीनपार्क की तरफ भागे और मुख्यमंत्री गैलरी वाले गेट से घुसने लगे।
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पुलिस ने रोका तो हाथापाई, गालीगलौज होने लगी। एसएसपी शलभ माथुर ने खुद मोर्चा संभाला। रस्सा लगाकर भीड़ को गेट के पीछे धकेला लेकिन भीड़ नियंत्रित नहीं हो सकी। आपाधापी में एसएसपी का बिल्ला गिर गया। डीएम कौशल राज शर्मा माइक से शांति, सद्भाव की अपील करते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी।
हालात बेकाबू होते देख कमिश्नर सहित तमाम अफसर, नेता भी डायरेक्टर पवेलियन गेट पर पहुंच गए तो सपाइयों ने इनसे भी धक्का-मुक्की की। एक पुलिस कर्मी ने भी कमिश्नर को धक्का दे दिया तो एसएसपी ने बीच बचाव करके मामला संभाला। इसी चक्कर में कमिश्नर को कुछ देर के लिए गेट के बाहर रुकना पड़ा।
जब भीड़ नियंत्रित नहीं हुई तो पुलिस ने लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर किया। इससे भगदड़ मची और तमाम लोग गिरकर चुटहिल हो गए। महिला कल्याण मंत्री अरुणा कोरी, विधायक मुनींद्र शुक्ला को भी धक्के खाने पड़े। आपाधापी में लाल सिंह तोमर गिर पड़े, उन्हें चोटें भी आईं।
छात्रनेता सिराज हुसैन सहित तमाम सपाइयों को भी लाठी पड़ी। सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं की इस कारस्तानी से आशा यात्रा में शामिल लोग दहशत में दिखे।