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रुकावट के लिए खेद है
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Tue, 12 Jan 2016 01:20 AM IST
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मुख्यमंत्री एक बार फिर कानपुर आ रहे हैं, उनके आगमन के साथ ही शहर के लिए देखे गए उनके ‘सपनों’ की ‘अधूरी कहानी’ आपके सामने अमर उजाला लाया है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव शहर में कई बार पधारे। हर बार उन्होंने यहां कोई न कोई ‘सपनों’ की सौगात दी, जिन्हें ‘सीएम ड्रीम प्रोजेक्ट’ के नाम से जाना गया। ‘सरकार’ का सपना पूरा करने में जुटे अधिकारियों ने शुरुआत में तो तेजी दिखाई पर किसी को भी पूर्णरूप नहीं दे सके।
यूं कहें, हर रुकावट पर अधिकारियों ने खेद ही जताया। आज नजर डालें तो सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट या तो रुक गए हैं, या फिर अधूरे हैं। शहर में आई श्री एम की आशा यात्रा से सीएम को सद्भाव और सौहार्द की आशा तो है लेकिन शहरियों की आशा पर सीएम के सपने कितने खरे उतरेंगे ये तो वक्त ही बताएगा।
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मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव शहर में कई बार पधारे। हर बार उन्होंने यहां कोई न कोई ‘सपनों’ की सौगात दी, जिन्हें ‘सीएम ड्रीम प्रोजेक्ट’ के नाम से जाना गया। ‘सरकार’ का सपना पूरा करने में जुटे अधिकारियों ने शुरुआत में तो तेजी दिखाई पर किसी को भी पूर्णरूप नहीं दे सके।
यूं कहें, हर रुकावट पर अधिकारियों ने खेद ही जताया। आज नजर डालें तो सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट या तो रुक गए हैं, या फिर अधूरे हैं। शहर में आई श्री एम की आशा यात्रा से सीएम को सद्भाव और सौहार्द की आशा तो है लेकिन शहरियों की आशा पर सीएम के सपने कितने खरे उतरेंगे ये तो वक्त ही बताएगा।
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