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UP: बेटे की हादसे में मौत…मां की सदमे में गई जान, भाई बोला- मां का लाड़ला था शिवम, अंतिम विदाई में रो पड़े लोग

Sat, 22 Feb 2025 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: कानपुर ब्यूरो Updated Sat, 22 Feb 2025 12:07 AM IST
सार

Etawah News: बड़े भाई शुभम ने बताया कि मां शिवम के लिए घर में सबसे लड़ जाती थीं। घटना से थोड़ी देर पहले मां की शिवम से फोन पर बात हुई थी। उसने थोड़ी देर में आने की बात कही थी। जब राहगीर का फोन आया, तो वह मां के नंबर पर ही आया था। हादसे की जानकारी होते ही मां की तबीयत बिगड़ गई।

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Son died in an accident mother died in shock brother said Shivam was mothers beloved son people cried
हादसे में दुखद परिजनों को ढाढ़स बधांतीं महिलाएं। - फोटो : amar ujala

विस्तार

इटावा जिले में सेवानिवृत्त रोडवेज के सीनियर फोरमैन के बेटे को गुरुवार देर रात किसी वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के समय वह आईटीआई चौराहे के पास सवारी का इंतजार कर रहा था। हादसे की जानकारी फोन पर मिलते ही मां की तबीयत बिगड़ गई। दिल की मरीज मां की सैफाई ले जाते समय मौत हो गई।

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शुक्रवार को मां-बेटे के शव घर से एक साथ उठे और चिता भी एक साथ जली। मां-बेटे को अंतिम विदाई देने श्मशानघाट पहुंचे लोग रो पड़े। रोडवेज से रिटायर्ड सीनियर फोरमैन सतीश श्रीवास्तव निवासी हर्षनगर का छोटा बेटा शिवम श्रीवास्तव उर्फ सेंकी (30) गुरुवार को किसी काम से आईटीआई चौराहे पर गया था। देर रात करीब 11 बजे आईटीआई की ओर से घर लौट रहा था।
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हार्ट की मरीज मां की हालत बिगड़ गई
आईटीआई चौराहे के पास किसी वाहन ने उसे टक्कर मार दी। फुटपाथ पर सिर लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई। राहगीरों ने उसके मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। हादसे में बेटे की जान जाने की सूचना पर हार्ट की मरीज उसकी मां वंदना (58) की हालत बिगड़ गई।

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रास्ते में ही थम गईं सांसें
परिजन उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने सैफई आयुर्विज्ञान विवि रेफर कर दिया। सैफई ले जाते समय रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। उनका शव घर पर रातभर रखा रहा, जबकि बेटे का शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा रहा। शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद बेटे का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया।

भाई बोला- मां का लाड़ला था शिवम
पिता, बहन शगुन, भाई शुभम और भाभी समेत परिवार के हर सदस्य का रो-रोकर बुरा हाल था। सतीश श्रीवास्तव ने पत्नी वंदना की चिता को व बड़े भाई शुभम ने छोटे भाई शिवम की चिता को मुखाग्नि दी। शिवम तीन भाई बहन में शिवम सबसे छोटा था। भाई शुभम सबसे बड़ा, फिर बहन शगुन है। छोटा होने की वजह से वह मां का लाडला था। शुभम ने बताया कि मां शिवम के लिए घर में सबसे लड़ जाती थीं।

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