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कारगिल में हिमस्खलन, घाटमपुर का जवान शहीद, बेटे के इंतजार में आंसू बहा रही मां
Fri, 17 Jan 2020 03:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 17 Jan 2020 03:25 PM IST
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धर्मेंद्र की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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लद्दाख के कारगिल में गुरुवार को आए बर्फीले तूफान और हिमस्खलन के कारण घाटमपुर का लाल शहीद हो गया जबकि तीन अन्य जवान घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार गुरुवार को मुश्कोह घाटी में एक चौक हिमस्खलन की चपेट में आ गई।
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धर्मेंद्र के पार्थिव शरीर का इंतजार करते दुखी परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर चार घायल जवानों को बाहर निकाल लिया। इस दौरान घाटमपुर के बिराहिनपुर बाल्हापारा ब्लॉक पतारा के धर्मेंद्र सिंह उर्फ बबलू (35) की मौत हो गई। धर्मेंद्र का शव शनिवार तक उसके गांव लाया जाएगा। परिजनों को सेना की ओर से इसकी सूचना दे दी गई है।
धर्मेंद्र सिंह लद्दाख के कारगिल में तैनात थे। सूत्रों के अनुसार गुरुवार सुबह 11ः30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। धमेंद्र की मां शिवदेवी गांव में धमेंद्र के दो बड़े भाइयों के साथ रहती हैं। जबकि पत्नी सुनीता दो बच्चों उत्कर्ष (16) और राजवर्धन (9) के साथ चंडीगढ़ में रहती हैं। पिता रतन सिंह का देहांत हो चुका है।
धमेंद्र की सन 1999 में हवलदार पद पर नौकरी लगी थी। 2002 में हरीपुर रायबरेली निवासी सुनीता से शादी हुई थी। परिजनों के अनुसार धर्मेंद्र दशहरे में 20 दिनों के लिए घर आए थे। घरवालों के साथ ही उन्होंने दिवाली मनाई थी।
धर्मेंद्र सिंह लद्दाख के कारगिल में तैनात थे। सूत्रों के अनुसार गुरुवार सुबह 11ः30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। धमेंद्र की मां शिवदेवी गांव में धमेंद्र के दो बड़े भाइयों के साथ रहती हैं। जबकि पत्नी सुनीता दो बच्चों उत्कर्ष (16) और राजवर्धन (9) के साथ चंडीगढ़ में रहती हैं। पिता रतन सिंह का देहांत हो चुका है।
धमेंद्र की सन 1999 में हवलदार पद पर नौकरी लगी थी। 2002 में हरीपुर रायबरेली निवासी सुनीता से शादी हुई थी। परिजनों के अनुसार धर्मेंद्र दशहरे में 20 दिनों के लिए घर आए थे। घरवालों के साथ ही उन्होंने दिवाली मनाई थी।