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स्मार्ट सिटी की घोषणा होते ही कानपुर में एसपीवी गठन की तैयारी जोरों पर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 21 Sep 2016 09:48 PM IST
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कानपुर घंटा घर चौराहा
कानपुर के स्मार्ट सिटी की घोषणा होते ही एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) गठन की तैयारियां शुरू कर दी गईं। स्मार्ट सिटी में पीपीपी मॉडल पर काम कराने पर जोर रहेगा। स्मार्ट सुविधाओं के लिए गृहकर भी बढ़ेगा।
स्मार्ट सिटी बनाने के लिए गठित होने वाली एसपीवी के नाम तय हो गए हैं। कमिश्नर एसपीवी के अध्यक्ष और नगर आयुक्त मुख्य कार्यपालक होंगे। इसमें केंद्र सरकार के नामित प्रतिनिधि, केडीए वीसी, केस्को के मुख्य अभियंता, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र या उनके प्रतिनिधि, नगर निकाय से नामित मिशन निदेशक होंगे।
एसपीवी स्मार्ट सिटी विकास के लिए परियोजना बनाएगी, मूल्यांकन, अनुमोदन, कार्यान्वयन, प्रबंधन, संचालन, निगरानी और आकलन करेगी। नगर आयुक्त के अनुसार शासन से एसपीवी गठन की अनुमति मिलते ही रजिस्ट्रार आफिस में पंजीकरण कराया जाएगा। इसके बाद इसकी बैठक होगी।
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स्मार्ट सिटी विकसित करने के लिए जरूरी धन 2,312 करोड़ रुपये में से 40 फीसदी धन केंद्र सरकार और 40 फीसदी धन राज्य सरकार देगी, जबकि शेष धन एसपीवी स्थानीय स्तर पर करेगी। एसपीवी में शामिल विभाग इस धन का बंदोबस्त करेंगे।
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स्मार्ट सिटी बनाने के लिए गठित होने वाली एसपीवी के नाम तय हो गए हैं। कमिश्नर एसपीवी के अध्यक्ष और नगर आयुक्त मुख्य कार्यपालक होंगे। इसमें केंद्र सरकार के नामित प्रतिनिधि, केडीए वीसी, केस्को के मुख्य अभियंता, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र या उनके प्रतिनिधि, नगर निकाय से नामित मिशन निदेशक होंगे।
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एसपीवी स्मार्ट सिटी विकास के लिए परियोजना बनाएगी, मूल्यांकन, अनुमोदन, कार्यान्वयन, प्रबंधन, संचालन, निगरानी और आकलन करेगी। नगर आयुक्त के अनुसार शासन से एसपीवी गठन की अनुमति मिलते ही रजिस्ट्रार आफिस में पंजीकरण कराया जाएगा। इसके बाद इसकी बैठक होगी।
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स्मार्ट सिटी विकसित करने के लिए जरूरी धन 2,312 करोड़ रुपये में से 40 फीसदी धन केंद्र सरकार और 40 फीसदी धन राज्य सरकार देगी, जबकि शेष धन एसपीवी स्थानीय स्तर पर करेगी। एसपीवी में शामिल विभाग इस धन का बंदोबस्त करेंगे।