{"_id":"58d542944f1c1b657c1a1061","slug":"slaughter-house-run-out-of-school-and-collage-here","type":"story","status":"publish","title_hn":"यहां स्कूल-कॉलेजों के बाहर रोज होता था पशु वध, योगी ने ऐसे बदले हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यहां स्कूल-कॉलेजों के बाहर रोज होता था पशु वध, योगी ने ऐसे बदले हालात
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 24 Mar 2017 09:31 PM IST
सार
बूचड़खाना बंद, 8 लाइसेंस निरस्त करने का नोटिस
वध का लाइसेंस न होने पर की गई कार्रवाई
धार्मिक स्थलों के पास भी नहीं बिकेगा मीट
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विस्तार
योगी सरकार ने प्रदेश में चल रहे अवैध बूचड़खानों पर लगाम कसकर उन स्कूलों और कॉलेजों को बड़ी राहत दी है जिनके बाहर पहले यह धंधा बेरोकटोक चलता था। स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे मासूम बच्चे अपने आसपास पहले रोजाना पशुओं के कत्लेआम देखते थे। ऐसे इलाकों के प्रति इनके मन में एक अजीब सा खौफ बैठ गया था। लेकिन अब तस्वीर बदल गई है।
प्रशासन ने बांदा शहर के खांईपार मोहल्ले में स्थित स्लॉटर हाउस (बूचड़खाने) के पुराने भवन को बंद करा दिया है। खाद्य अभिहित अधिकारी का कहना है कि स्लाटिंग (पशु वध) का यहां कोई लाइसेंस न होने पर ये कार्रवाई की गई है। उधर, धार्मिक स्थलों और स्कूल-कॉलेजों के नजदीक चल रहीं चिकन और मटन मीट की 8 दुकानों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करते हुए उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं।
मंडल मुख्यालय बांदा शहर में जगह-जगह आधा सैकड़ा से ज्यादा मटन (बकरा), चिकन (मुर्गा) और बीफ (भैंस) मीट की दुकानें हैं। यह सभी कार्रवाई के घेरे में हैं। खाद्य एवं औषधि विभाग के अभिहित अधिकारी चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि आठ दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त करने का नोटिस दिया है।
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कई दुकानदारों को थमाया ‘सुधार नोटिस’
विभागीय अधिकारियों द्वारा दुकानों के किए गए निरीक्षण का हवाला देकर मीट की दुकान धार्मिक स्थल से 50 मीटर से कम दूर होने, पर्याप्त सफाई व्यवस्था न होने, मुर्गा या बकरा को दुकान में ही काटने और उन्हें जिंदा अवस्था में भी वहीं रखने, औजारों और परिसर को गर्म पानी से धोने के लिए गीजर की व्यवस्था न होने की कमियां बताते हुए 15 दिन के अंदर यह व्यवस्थाएं पूरी कर विभाग को सूचित करने का निर्देश दिया है।
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प्रशासन ने बांदा शहर के खांईपार मोहल्ले में स्थित स्लॉटर हाउस (बूचड़खाने) के पुराने भवन को बंद करा दिया है। खाद्य अभिहित अधिकारी का कहना है कि स्लाटिंग (पशु वध) का यहां कोई लाइसेंस न होने पर ये कार्रवाई की गई है। उधर, धार्मिक स्थलों और स्कूल-कॉलेजों के नजदीक चल रहीं चिकन और मटन मीट की 8 दुकानों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करते हुए उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं।
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मंडल मुख्यालय बांदा शहर में जगह-जगह आधा सैकड़ा से ज्यादा मटन (बकरा), चिकन (मुर्गा) और बीफ (भैंस) मीट की दुकानें हैं। यह सभी कार्रवाई के घेरे में हैं। खाद्य एवं औषधि विभाग के अभिहित अधिकारी चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि आठ दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त करने का नोटिस दिया है।
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कई दुकानदारों को थमाया ‘सुधार नोटिस’
विभागीय अधिकारियों द्वारा दुकानों के किए गए निरीक्षण का हवाला देकर मीट की दुकान धार्मिक स्थल से 50 मीटर से कम दूर होने, पर्याप्त सफाई व्यवस्था न होने, मुर्गा या बकरा को दुकान में ही काटने और उन्हें जिंदा अवस्था में भी वहीं रखने, औजारों और परिसर को गर्म पानी से धोने के लिए गीजर की व्यवस्था न होने की कमियां बताते हुए 15 दिन के अंदर यह व्यवस्थाएं पूरी कर विभाग को सूचित करने का निर्देश दिया है।