Kanpur Violence: एसआईटी ने साजिशकर्ताओं की कुंडली ईडी को भेजी, वसी और मुख्तार बाबा की बढ़ेंगी दिक्कतें
कानपुर हिंसा मामले में जांच कर रही एसआईटी ने हयात, हाजी वसी समेत दस लोगों का ब्योरा जुटाकर ईडी को भेजा है। बता दें कि हिंसा के बाद ईडी ने इन सभी के बारे में जानकारी मांगी थी।
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कानपुर में नई सड़क हिंसा के मुख्य साजिशकर्ताओं की कुंडली एसआईटी ने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) को भेजी है। साजिशकर्ताओं के नाम, पते, एफआईआर कॉपी व खातों का ब्योरा भेजा गया है। इस रिपोर्ट का आकलन कर ईडी के अफसर तय करेंगे कि प्रकरण में आगे जांच करनी है या नहीं। अगर ईडी ने जांच शुरू की तो बिल्डर हाजी वसी और मुख्तार बाबा की मुश्किलें सबसे अधिक बढ़ेंगी।
नई सड़क पर तीन जून को जुमे की नमाज के बाद बवाल हुआ था। मामले में पीएफआई के तीन सदस्यों की भी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने हयात जफर हाशमी एंड कंपनी के पास से पीएफआई समेत कई अन्य संगठनों का साहित्य भी बरामद करने का दावा किया था।
पीएफआई का नाम सामने आते ही ईडी सक्रिय हो गया। 7 जून को ईडी की एडिशनल डायरेक्टर सोनिया नारंग ने कानपुर पुलिस कमिश्नर से आरोपियों के बारे में जानकारी मांगी थी। एसआईटी ने हयात, वसी व मुख्तार समेत करीब दस मुख्य आरोपियों का ब्योरा ईडी को भेज दिया है।
यह ब्योरा ईडी को भेजा गया
हिंसा का मुख्य साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी था। उसके साथ बिल्डर हाजी वसी व उसके बेटे, बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा, जावेद अहमद, मो. राहिल, मो. सूफियान। पीएफआई के सदस्य सैफुल्लाह, मो. नसीम और मो. उमर का ब्योरा एसआईटी ने तैयार किया। सभी के बैंक खातों की डिटेल, एफआईआर कॉपी, पूछताछ के दौरान दर्ज किए गए बयान और सभी के मोबाइल नंबर ईडी को उपलब्ध कराए हैं।
पीएफआई पर शिकंजा मकसद
ईडी की तरफ से जो पत्र भेजा गया, उसमें स्पष्ट लिखा था कि पीएफआई से संबंधित यदि कोई भी जानकारी हो तो उसे साझा किया जाए। खासकर मनी लॉड्रिंग के बिंदु पर ईडी पहले से ही पीएफआई को लेकर तफ्तीश कर रही है। ऐसे में मकसद पीएफआई पर शिकंजा कसने का है।