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गजनेर में 270 रुपये की यूरिया 320 में बेच रहे दुकानदार, किसान परेशान
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सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। गजनेर स्थित पीसीएफ केंद्र में एक सप्ताह से यूरिया नहीं है। इसका फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। वो किसानों से प्रति बोरी 50 से 60 रुपये अधिक वसूल रहे हैं। अधिक रुपये न देने पर किसानों को वापस कर देते हैं। मजबूरी में किसान खाद खरीद रहे हैं।
गजनेर स्थित पीसीएफ केंद्र में एक सप्ताह से यूरिया नहीं होने से किसानों को लौटना पड़ रहा है। वहीं कस्बे के दुकानदार यूरिया की कालाबाजारी कर रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी का रेट 266.50 रुपये है। वहीं दुकानदार इसे 320 रुपये तक बेच रहे हैं। आमतौर पर एक या दो बोरी लेने वाले किसान शिकायतों के झंझट से बचने के चक्कर में अधिक रुपये देकर खाद खरीदने को मजबूर हैं।
बोले किसान, नहीं लग पा रही कालाबाजारी पर रोक
जसवापुर गांव के किसान यशवंत नारायण तिवारी ने बताया कि दुकानदारों ने अंगूठा लगवाकर खाद देना तो शुरू कर दिया है लेकिन रेट मनमाने ही वसूलते हैं। ई-पॉस व्यवस्था शुरू होने के बाद भी कालाबाजारी पर रोक नहीं लग रही है।
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हिलौठी गांव के पूर्व प्रधान जयपाल सिंह ने बताया कि प्राइवेट दुकानों में 300 से 320 रुपये तक प्रति बोरी यूरिया बेची जा रही है। दुकानदार इसकी कोई रसीद नहीं देते हैं। किसान रसीद के लिए लड़ाई तो करेगा नहीं।
पीसीएफ केंद्र में एक सप्ताह से यूरिया न होने के बाबत उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। साथ ही यूरिया आपूर्ति की मांग भी की गई है। इसी सप्ताह यूरिया आने की उम्मीद है। - मुकेश कुमार, पीएसफ केंद्र प्रभारी गजनेर
कृषि विभाग के गोदाम में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। गजनेर की समिति में यूरिया नहीं होने की जानकारी नहीं मिली है। एआर कोआपरेटिव के माध्यम से यूरिया पहुंचाई जाएगी। कालाबाजारी करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। - उमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी
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गजनेर स्थित पीसीएफ केंद्र में एक सप्ताह से यूरिया नहीं होने से किसानों को लौटना पड़ रहा है। वहीं कस्बे के दुकानदार यूरिया की कालाबाजारी कर रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। 45 किलोग्राम यूरिया की बोरी का रेट 266.50 रुपये है। वहीं दुकानदार इसे 320 रुपये तक बेच रहे हैं। आमतौर पर एक या दो बोरी लेने वाले किसान शिकायतों के झंझट से बचने के चक्कर में अधिक रुपये देकर खाद खरीदने को मजबूर हैं।
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बोले किसान, नहीं लग पा रही कालाबाजारी पर रोक
जसवापुर गांव के किसान यशवंत नारायण तिवारी ने बताया कि दुकानदारों ने अंगूठा लगवाकर खाद देना तो शुरू कर दिया है लेकिन रेट मनमाने ही वसूलते हैं। ई-पॉस व्यवस्था शुरू होने के बाद भी कालाबाजारी पर रोक नहीं लग रही है।
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हिलौठी गांव के पूर्व प्रधान जयपाल सिंह ने बताया कि प्राइवेट दुकानों में 300 से 320 रुपये तक प्रति बोरी यूरिया बेची जा रही है। दुकानदार इसकी कोई रसीद नहीं देते हैं। किसान रसीद के लिए लड़ाई तो करेगा नहीं।
पीसीएफ केंद्र में एक सप्ताह से यूरिया न होने के बाबत उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। साथ ही यूरिया आपूर्ति की मांग भी की गई है। इसी सप्ताह यूरिया आने की उम्मीद है। - मुकेश कुमार, पीएसफ केंद्र प्रभारी गजनेर
कृषि विभाग के गोदाम में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है। गजनेर की समिति में यूरिया नहीं होने की जानकारी नहीं मिली है। एआर कोआपरेटिव के माध्यम से यूरिया पहुंचाई जाएगी। कालाबाजारी करने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। - उमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी