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Banda: शिवांगी ने कहा था- न्याय न मिला तो कर लूंगी आत्महत्या, तीन साल बाद दर्ज हुई थी रिपोर्ट, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 29 Mar 2023 09:33 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 29 Mar 2023 09:33 PM IST
सार

Banda Suicide: पति के एनकाउंटर के बाद मुख्यमंत्री और डीजीपी को भेजे पत्र के जरिए शिवांगी ने कहा था कि उसके पति का इतना बड़ा कुसूर तो नहीं था कि उसे मौत की सजा मिलती।

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Shivangi had said that she will commit suicide if she does not get justice, report was filed after three years
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पुष्पेंद्र यादव की पत्नी शिवांगी कई बार न्याय की गुहार लगा चुकी थी। उसका कहना था कि पति पुष्पेंद्र अपराधी नहीं था। वह कारोबार करता था लेकिन, पुलिस ने रंजिशन उसकी हत्या की। शिवांगी ने जांच के लिए मुख्यमंत्री से लेकर डीजीपी तक को कई पत्र भेजे।

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इसमें उसने अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर उसे जल्द न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। एनकाउंटर के बाद मुख्यमंत्री एवं डीजीपी को भेजे पत्र के जरिए शिवांगी ने कहा था कि उसके पति का इतना बड़ा कुसूर तो नहीं था कि उसे मौत की सजा मिलती।
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अगर उन्होंने कुछ गलत किया था तो पुलिस उनको सजा देती, मारने का हक किसी को नहीं था। उस दौरान शिवांगी ने यह भी कहा था कि पुलिस ने उसके पति का मोबाइल फोन भी अपने पास रखा हुआ है। पुलिस ने उनके पति का चेहरा भी नहीं दिखाया। शिवांगी ने कई बार आला अफसरों से गुहार लगाई लेकिन, बात आगे नहीं बढ़ी।

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एनकाउंटर मामले में बुरी तरह घिर गई थी पुलिस
वर्ष 2019 में हुए पुष्पेंद्र एनकाउंटर मामले में पुलिस बुरी तरह घिर गई थी। अपनों को बचाने की खातिर पुलिस ने हर कोशिश की। पुलिस अफसर भी एनकाउंटर का लगातार बचाव करने की कोशिश करते रहे लेकिन, शिवांगी पति के लिए न्याय मांगने हाईकोर्ट जा पहुंची।

यहां आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। हाईकोर्ट में लंबी लड़ाई के बाद आखिरकार 13 अक्तूबर 2022 को हाईकोर्ट के आदेश पर मोंठ पुलिस को तत्कालीन कोतवाल धर्मेंद्र सिंह चौहान समेत अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी।

इस मामले में एफआईआर दर्ज करने से बचने के लिए पुलिस ने कई दांव खेले। मुकदमा दर्ज करने से बचने के लिए पुलिस ने पहले पुष्पेंद्र के एक चचेरे भाई की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। शिवांगी यादव यह शिकायत लेकर फिर हाईकोर्ट पहुंची।

इसके बाद हाईकोर्ट ने शिवांगी की तहरीर पर ही मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद मोंठ थाने में तत्कालीन कोतवाल धर्मेद्र चौहान समेत अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के साथ ही इस पूरे मामले की जांच सीबीसीआईडी के हवाले कर दी गई।

कई महीनों तक सुर्खियों में रहा था एनकाउंटर मामला
पुष्पेंद्र एनकाउंटर मामला कई महीने तक सुर्खियों में रहा था। विपक्षी दलों ने इसको जमकर राजनीतिक तूल दिया। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने के साथ ही दोषियों को सजा दिलाने का एलान कर दिया था। सपा सुप्रीमो ने झांसी आकर शिवांगी समेत उसके अन्य परिजनों से मुलाकात की थी।

यह था पूरा मामला
छह अक्तूबर 2019 को करगुवां खुर्द निवासी पुष्पेंद्र यादव की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस का कहना था कि 5 अक्तूबर 2019 की रात करीब नौ बजे पुष्पेंद्र ने मोंठ के तत्कालीन थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह चौहान पर बम्हरौली बाईपास चौराहा के पास गोली चलाई।

पुष्पेंद्र अपने साथियों के साथ थाना प्रभारी की कार लूटकर फरार हो गया। भोर में पुलिस ने पुष्पेंद्र को गुरसराय थाना क्षेत्र के फरीद गांव के पास मुठभेड़ में मार गिराया। दो साथी भाग निकले। पुष्पेंद्र की कार से दो तमंचे, कारतूस एवं मोबाइल बरामद दिखाया गया था। वहीं, पुष्पेंद्र के भाई रविंद्र सिंह यादव ने इसे हत्या बताया।

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