फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Shelter sites not built in five gram panchayats of Savankheda block, running on paper

सवनखेड़ा ब्लॉक की पांच ग्राम पंचायतों में नहीं बने आश्रय स्थल, कागजों पर चल रहे

Sat, 05 Mar 2022 01:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 01:08 AM IST
विज्ञापन
Shelter sites not built in five gram panchayats of Savankheda block, running on paper
ननियां गांव में प्रधान के घर में बंधे पांच छुट्टा मवेशी। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात/सरवनखेड़ा। छुट्टा मवेशियों से निजात दिलाने के लिए शासन ने हर गांव में अस्थायी आश्रय स्थल बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जिम्मेदार इनके संचालन में न केवल खानापूरी कर रहे हैं बल्कि अफसरों से लेकर सरकार तक को गुमराह कर रहे हैं।
विज्ञापन

सवनखेड़ा ब्लॉक की 51 ग्राम पंचायतों में 23 अस्थायी आश्रय स्थल संचालित दिखाए जा रहे हैं। शुक्रवार को जब इनमें से ही पांच गांवों में पड़ताल की गई तो वहां आश्रय स्थल मिले ही नहीं। इन आश्रय स्थल पर प्रति मवेशी के हिसाब से चारे पानी के लिए तीस रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन

आश्रय स्थल व मवेशी न होने से यह धन कहां खर्च हो रहा है यह सवाल लोग उठा रहे हैं। वहीं गांव में घूम रहे छुट्टा मवेशियों से फसल बचाने के लिए किसान परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

ब्लॉक के रिकार्ड में ग्राम पंचायत शाहजहापुर निनायां में अस्थायी आश्रय स्थल संचालित दिखाया गया है। मौके पर वहां कोई आश्रय स्थल संचालित नहीं है। गांव के बाहर झुंड बनाकर 50 से अधिक मवेशी बैठे नजर आए। महेश, राजेंद्र आदि किसानों ने बताया कि शाम होते ही मवेशियों के झुंड खेतों में पहुंच कर फसलें चौपट करते हैं। प्रधान के घर सिर्फ पांच गायें बंधी मिली। प्रधान ने बताया कि वह उनकी सेवा करते हैं।
बिल्टी गांव में अस्थायी आश्रय स्थल अभी बनाया ही नहीं गया है। फसल की रखवाली करने में किसानों ने सर्द रातें खेतों में गुजार दी। रामदास, राम सिंह आदि किसानों ने बताया कि गांव में आश्रय स्थल का कोई प्रबंध नहीं किया गया। इससे फसलें बचाना मुश्किल हो गया। कई किसानों की गेहूं की पूरी फसल मवेशियों ने चौपट कर दी। जिम्मेदारों ने आश्रय स्थल बनाने में ध्यान नहीं दिया।
भदेसा गांव में भी आश्रय स्थल नहीं बना मिला, जबकि कागजी आंकड़ों में यहां आश्रय स्थल का संचालन दिखाकर अफसरों को गुमराह किया गया है। गांव के किसान राम सिंह, मुकेश कुमार, गयादीन आदि ने बताया कि मवेशियों के झुंड फसलों का तबाह कर रहे हैं। रात भर खेतों में रुकना मजबूरी है। अगर आश्रय स्थल बना दिया जाता तो समस्या का निदान हो जाता।

अस्थायी आश्रय स्थल बनाने में लापरवाही करने वाले पंचायत सचिव चिह्नित किए जा रहे हैं। उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। जवाब आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरवनखेड़ा ब्लॉक में भी छानबीन कराई जा रही है। - नमिता शरण, डीपीआरओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed