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शंभुआ क्राॅसिंग पुल फिर क्षतिग्रस्त
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Mon, 13 Jun 2016 01:03 AM IST
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कानपुर सागर मार्ग पर बिधनू के शंभुआ में धंसा रेलवे ओवरब्रिज।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। कानपुुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग में शंभुआ क्रासिंग का पुल रविवार को फिर क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी वजह निर्माण में खामी के साथ ही ओवरलोडिंग मानी जा रही है। फिलहाल पुल टूटने की आशंका में ट्रैफिक रोक कर मरम्मत शुरू कर दी गई है। पुल के नीचे खस्ताहाल रास्ते से ही वाहनों का आवागमन होने से सुबह, शाम यातायात प्रभावित रहा।
कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-86) में घाटमपुर से शहर आते समय शंभुआ रेलवे क्रासिंग पर बने पुल का रेलवे लाइन से लगभग 40 मीटर पहले का हिस्सा शनिवार की रात क्षतिग्रस्त होने लगा। करीब साढ़े चार मीटर व्यास में बिल्डिंग मैटेरियल टूटकर नीचे रेलवे लाइन के पास गिरा।
सरिया भी टूटने की आशंका में रात में क्षतिग्रस्त स्थल के आसपास से वाहन गुजरते रहे। रविवार सुबह करीब पांच बजे हाइवे पेट्रोलिंग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, तब उन्होंने क्षतिग्रस्त स्थल के आसपास बेरीकेडिंग कराई और पुल से ट्रैफिक का आवागमन बंद किया। सुबह करीब छह बजे से पुल के समानांतर पुरानी खस्ताहाल सड़क से ही वाहनों का आवागमन हो रहा है।
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सीडीएस कंपनी ने बनाया था पुल
एनएचएआई से जुड़ी सीडीएस कंपनी ने लगभग तीन साल में यह रेलवे ओवरब्रिज (पुल) बनाया था, जिसे सवा साल पहले चालू किया गया, पर निर्माण में कमी की वजह से यह पुल दो बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। छह महीने पहले नेशनल हाइवे के परियोजना प्रबंधक ने जांच के बाद इसकी वजह ओवरलोडिंग बताया था। इस हादसे के बाद एनएचएआई के अफसर घंटों मौके पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में रोष है।
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कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-86) में घाटमपुर से शहर आते समय शंभुआ रेलवे क्रासिंग पर बने पुल का रेलवे लाइन से लगभग 40 मीटर पहले का हिस्सा शनिवार की रात क्षतिग्रस्त होने लगा। करीब साढ़े चार मीटर व्यास में बिल्डिंग मैटेरियल टूटकर नीचे रेलवे लाइन के पास गिरा।
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सरिया भी टूटने की आशंका में रात में क्षतिग्रस्त स्थल के आसपास से वाहन गुजरते रहे। रविवार सुबह करीब पांच बजे हाइवे पेट्रोलिंग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, तब उन्होंने क्षतिग्रस्त स्थल के आसपास बेरीकेडिंग कराई और पुल से ट्रैफिक का आवागमन बंद किया। सुबह करीब छह बजे से पुल के समानांतर पुरानी खस्ताहाल सड़क से ही वाहनों का आवागमन हो रहा है।
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सीडीएस कंपनी ने बनाया था पुल
एनएचएआई से जुड़ी सीडीएस कंपनी ने लगभग तीन साल में यह रेलवे ओवरब्रिज (पुल) बनाया था, जिसे सवा साल पहले चालू किया गया, पर निर्माण में कमी की वजह से यह पुल दो बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। छह महीने पहले नेशनल हाइवे के परियोजना प्रबंधक ने जांच के बाद इसकी वजह ओवरलोडिंग बताया था। इस हादसे के बाद एनएचएआई के अफसर घंटों मौके पर नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों में रोष है।