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भंडाफोड़: एसजीएसटी ने डेटा एनालिसिस से पकड़ी 21 फर्जी फर्में, विभाग ने ब्लॉक की एक करोड़ से ज्यादा की आईटीसी
Tue, 03 Aug 2021 07:41 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 03 Aug 2021 07:41 PM IST
सार
विभाग के अफसर ने बताया कि आरएन स्टील फर्म ने एसजीएसटी विभाग में 25 फरवरी 2021 को कानपुर देहात के पते से पंजीकरण कराया था। कंपनी आयरन और स्टील की ट्रेडिंग का काम दिखाती थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
एसजीएसटी एसआईबी ने 21 फर्जी फर्मों का भंडाफोड़ किया है। डेटा एनालिसिस के बाद ये फर्में जांच में फर्जी पाई गई हैं। ये फर्में कानपुर देहात के अकबरपुर, झींझक के पते पर पंजीकृत थीं, लेकिन जांच में पते फर्जी निकले।
इन फर्मों ने बेहद कम समय में करोड़ों के ई-वे बिल जनरेट किए हैं। विभाग ने इनकी एक करोड़ 18 लाख की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) ब्लॉक कर दी है। साथ ही फर्मों से जुड़ी जानकारी दिल्ली व संबंधित जिलों के अफसरों को भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विभाग के अफसर ने बताया कि आरएन स्टील फर्म ने एसजीएसटी विभाग में 25 फरवरी 2021 को कानपुर देहात के पते से पंजीकरण कराया था। कंपनी आयरन और स्टील की ट्रेडिंग का काम दिखाती थी।
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पांच महीने में फर्म ने साढ़े छह करोड़ रुपये के ई-वे बिल डाउनलोड करके व्यापार करना दिखाया। विभाग को शक हुआ तो डेटा एनालिसिस के जरिये फर्म की जांच पड़ताल शुरू की। पता चला कि फर्म दिल्ली से खरीद और कानपुर, लखनऊ, अलीगढ़, बस्ती, गोरखपुर, गाजियाबाद, नोएडा आदि जगहों पर बिक्री दिखा रही थी।
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इन फर्मों ने बेहद कम समय में करोड़ों के ई-वे बिल जनरेट किए हैं। विभाग ने इनकी एक करोड़ 18 लाख की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) ब्लॉक कर दी है। साथ ही फर्मों से जुड़ी जानकारी दिल्ली व संबंधित जिलों के अफसरों को भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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विभाग के अफसर ने बताया कि आरएन स्टील फर्म ने एसजीएसटी विभाग में 25 फरवरी 2021 को कानपुर देहात के पते से पंजीकरण कराया था। कंपनी आयरन और स्टील की ट्रेडिंग का काम दिखाती थी।
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पांच महीने में फर्म ने साढ़े छह करोड़ रुपये के ई-वे बिल डाउनलोड करके व्यापार करना दिखाया। विभाग को शक हुआ तो डेटा एनालिसिस के जरिये फर्म की जांच पड़ताल शुरू की। पता चला कि फर्म दिल्ली से खरीद और कानपुर, लखनऊ, अलीगढ़, बस्ती, गोरखपुर, गाजियाबाद, नोएडा आदि जगहों पर बिक्री दिखा रही थी।
हालांकि इसका कोई कारोबार पंजीकृत पते पर नहीं मिला। इसी तरह झींझक के पते पर स्वास्तिक नाम की फर्म मिली है। फर्म संचालक दिल्ली का रहने वाला है। फर्म ने जून में पंजीकरण कराया था। एक महीने में फर्म ने दो करोड़ से अधिक के ई-वे बिल डाउलोड किए।
फर्म इलेक्ट्रिक और टिंबर की दिल्ली से खरीद और लखनऊ में बिक्री दिखाती थी। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड दो एसआईबी बृजेश मिश्रा ने बताया कि दिल्ली की चार और यूपी की 19 फर्जी फर्मों पकड़ा गया है। आशंका है कि एक सिंडीकेट बनाकर फर्जी फर्मों के जरिये लेन-देन किया जा रहा है।
फर्म इलेक्ट्रिक और टिंबर की दिल्ली से खरीद और लखनऊ में बिक्री दिखाती थी। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड दो एसआईबी बृजेश मिश्रा ने बताया कि दिल्ली की चार और यूपी की 19 फर्जी फर्मों पकड़ा गया है। आशंका है कि एक सिंडीकेट बनाकर फर्जी फर्मों के जरिये लेन-देन किया जा रहा है।