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Kanpur News: पेयजल की लाइन डालने में सीवर के चैंबर तोड़े, हंगामा
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कानपुर। वार्ड-44, मकड़ीखेड़ा में जलनिगम ने सीवर लाइन डाली थी। पाइप लाइन बिछाने के दौरान 50 फीसदी सीवर चैंबर टूट गए। नगर निगम के अधिकारी जब सड़क बनाने पहुंचे, तब यह क्षति सामने आई। चैंबरों की मरम्मत न होने पर क्षेत्रीय पार्षद व स्थानीय लोगों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया।
पार्षद कुंती रामविलास निषाद ने बताया कि 2019 में पड़ी सीवर लाइन अभी चालू नहीं हुई है। करीब एक माह पहले जलनिगम ने पेयजल लाइन डालने के लिए खुदाई की। इस खुदाई से कई सीवर चैंबर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। यदि इन टूटे चैंबरों पर सड़क बन जाती तो सरकारी धन बर्बाद होता। जलनिगम से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। आक्रोशित लोगों ने बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की बात कही। पार्षद ने बताया कि 1.32 करोड़ रुपये से सड़क बन रही है। चैंबर आज भी टूटे और खतरनाक स्थिति में हैं। लोगों ने विभागों के बीच समन्वय की कमी पर चिंता जताई।
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पार्षद कुंती रामविलास निषाद ने बताया कि 2019 में पड़ी सीवर लाइन अभी चालू नहीं हुई है। करीब एक माह पहले जलनिगम ने पेयजल लाइन डालने के लिए खुदाई की। इस खुदाई से कई सीवर चैंबर क्षतिग्रस्त हो गए। इससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। यदि इन टूटे चैंबरों पर सड़क बन जाती तो सरकारी धन बर्बाद होता। जलनिगम से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। आक्रोशित लोगों ने बैनर लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शनकारियों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की बात कही। पार्षद ने बताया कि 1.32 करोड़ रुपये से सड़क बन रही है। चैंबर आज भी टूटे और खतरनाक स्थिति में हैं। लोगों ने विभागों के बीच समन्वय की कमी पर चिंता जताई।
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