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सामूहिक हत्याकांड के दोषी विधायक के प्राइवेट गनर को उम्रकैद की सजा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 12 Apr 2017 11:54 PM IST
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न्यायालय से बाहर निकलता आरोपी रूक्कू
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हमीरपुर मुख्यालय के व्यस्ततम सुभाष बाजार में 20 साल पहले हुए बहुचर्चित सामूहिक हत्याकांड के मामले में सदर विधायक के चालक/प्राइवेट गनर को दोषी पाए जाने पर बुधवार को जनपद न्यायाधीश बी राम ने उसे आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि मामले के मुख्य आरोपी विधायक अशोक सिंह चंदेल समेत 10 लोगों को न्यायालय पहले ही बरी कर चुका है।
नगर के सुभाष बाजार में 26 जनवरी 1997 को सामूहिक जघन्य हत्याकांड हुआ था। जिसमें एक अबोध बालक सहित पांच लोगों की मौत हुई थी। जिसमें राजीव शुक्ला के भाई राजेश शुक्ला, राकेश शुक्ला व भतीजा अंबुज व दो अन्य वेदनायक व श्रीकांत पांडेय शामिल थे। जबकि राजीव शुक्ला, भतीजा चंदन व उनका पुत्र बिपुल सहित पांच लोग घायल हुए थे। इस मामले में राजीव शुक्ला ने विधायक अशोक सिंह चंदेल सहित 12 लोगों को नामजद किया था। जिसमें विधायक का सरकारी गनर रामबाबू में शामिल था। विवेचना के बाद पुलिस ने सरकारी गनर का नाम आरोप पत्र में दाखिल नहीं किया था।
पूर्व में हुई मुकदमें की सुनवाई में न्यायालय ने मुख्य आरोपी अशोक सिंह चंदेल समेत 10 लोगों को बरी कर दिया था। फरार ग्यारहवां आरोपी रूक्कू निवासी खालेपुरा फरार चल रहा था। जिसने 12 मई 2003 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। तब से यह आरोपी कारागार में निरुद्ध है। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद जनपद न्यायाधीश बीराम ने आरोपी को को दोषी पाए जाने पर उसे आजीवन कारावास व नौ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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नगर के सुभाष बाजार में 26 जनवरी 1997 को सामूहिक जघन्य हत्याकांड हुआ था। जिसमें एक अबोध बालक सहित पांच लोगों की मौत हुई थी। जिसमें राजीव शुक्ला के भाई राजेश शुक्ला, राकेश शुक्ला व भतीजा अंबुज व दो अन्य वेदनायक व श्रीकांत पांडेय शामिल थे। जबकि राजीव शुक्ला, भतीजा चंदन व उनका पुत्र बिपुल सहित पांच लोग घायल हुए थे। इस मामले में राजीव शुक्ला ने विधायक अशोक सिंह चंदेल सहित 12 लोगों को नामजद किया था। जिसमें विधायक का सरकारी गनर रामबाबू में शामिल था। विवेचना के बाद पुलिस ने सरकारी गनर का नाम आरोप पत्र में दाखिल नहीं किया था।
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पूर्व में हुई मुकदमें की सुनवाई में न्यायालय ने मुख्य आरोपी अशोक सिंह चंदेल समेत 10 लोगों को बरी कर दिया था। फरार ग्यारहवां आरोपी रूक्कू निवासी खालेपुरा फरार चल रहा था। जिसने 12 मई 2003 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। तब से यह आरोपी कारागार में निरुद्ध है। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद जनपद न्यायाधीश बीराम ने आरोपी को को दोषी पाए जाने पर उसे आजीवन कारावास व नौ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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