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सुब्रत पाठक का बड़ा बयान, बोले- जय परशुराम कह प्रदेश को लूटने का सपना देख रहे अखिलेश

Sat, 08 Aug 2020 01:03 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sat, 08 Aug 2020 01:03 PM IST
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Saying Jai Parshuram, Akhilesh is dreaming of plundering the state - Subrata Pathak
भाजपा सांसद सुब्रत पाठक - फोटो : amar ujala
जय श्रीराम का विरोध करने वाले अखिलेश यादव अब जय परशुराम कह रहे हैं। परशुराम की मूर्ति लगवाने की बात कह वह ब्राह्मणों के वोट से सत्ता हासिल कर उत्तर प्रदेश को लूटने का स्वप्न देख रहे हैं। ये आरोप भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने शनिवार को पत्रकारों से चर्चा में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर लगाया।
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सांसद सुब्रत ने कहा कि शायद अखिलेश को पता नहीं कि ब्राह्मण जातिवादी नहीं बल्कि राष्ट्रवादी है। वह भारत माता की पूजा करता है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा अखिलेश हमारे महापुरुषों, हमारे भगवानों को जातियों में न बांटें।
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अखिलेश राम को क्षत्रिय, कृष्ण को यादव और परशुराम को ब्राह्मण बता कर समाज की एकता को तोड़ने का प्रपंच रच रहे हैं, यह ठीक नहीं। सांसद ने कहा कि अखिलेश निर्दोष राम भक्तों की हत्या में घिरे अपने पिता से पूछें तो वह बताएंगे देश का ब्राह्मण जातिवादी नहीं बल्कि राष्ट्रवादी है और भारत माता की पूजा करता है।
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सांसद ने कहा कि सुना है सपा भगवान परशुराम की मूर्ति लगवा रही है। उनके इस कदम का स्वागत करता हूं लेकिन अखिलेश से पूछना चाहता हूं कि यह उनका ब्राह्मण वोट लेने का हथकंडा है या पिता-पुत्र की ओर से ब्राह्मणों पर किए अत्याचारों का प्रायश्चित है।

सांसद ने कहा कि उनके पिता अर्जक संघ चलाते थे। उसमें कहा जाता था कि यदि काला नाग व ब्राह्मण एक साथ दिखें तो पहले ब्राह्मण को मार दो, वह अधिक खतरनाक है। समाजवादी विचारधारा का जन्म ही ब्राह्मण विरोध के लिए हुआ।

सुब्रत ने वर्ष 2004 में कन्नौज में हुई नीरज मिश्रा की हत्या का आरोप अखिलेश पर लगाया। कहा कि पिता के मुख्यमंत्री होने के कारण अखिलेश बच गए थे लेकिन कन्नौज का बच्चा-बच्चा सच्चाई जानता है। मुलायम शासन के पूर्व ब्राह्मण पढ़ने में अग्रणी रहा।

उन्होंने नकल पद्धति लाकर स्वजातीय को नौकरी व डिग्री बांटने का काम किया। ब्राह्मण इससे वंचित हुए। अखिलेश ने पिता से भी आगे बढ़कर काम किया। जगह-जगह नकल सेंटर, डिग्री लेने का कारखाना खोला। इसमें स्वजातीय को अधिकाधिक लाभ दिया गया।

इन्हीं के अत्याचार के चलते ब्राह्मणों ने तिलक तराजू और तलवार का नारा देने वाले की भी सरकार बना दी। तब भाजपा सरकार बनाने की स्थिति में नहीं थी। अब भाजपा सशक्त है और ब्राह्मण राष्ट्रभक्त। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत भी प्रेसवार्ता में मौजूद रहे।
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