{"_id":"5a219d704f1c1ba7668b7984","slug":"samajwaadi-party-could-not-open-account-in-kannauj","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अखिलेश के गढ़ में ही खाता नहीं खोल पाई समाजवादी पार्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखिलेश के गढ़ में ही खाता नहीं खोल पाई समाजवादी पार्टी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 02 Dec 2017 09:51 AM IST
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समाजवादी पार्टी निकाय चुनाव में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के गढ़ में खाता तक न खोल सकी। भाजपा ने भी एक पायदान की छलांग लगाकर दो सीटों पर जीत दर्ज कराई। उसने कन्नौज नगर पालिका सीट तो गंवाई लेकिन छिबरामऊ और सौरिख में जीत का परचम फहरा दिया। कांग्रेस समधन की सीट गंवाकर जीरो पर पहुंच गई। बसपा को 2012 में एक भी सीट नहीं मिली थी। इस बार दो सीटें हासिल कर लीं। चार सीटों पर निर्दलियों की जय जयकार हुई।
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इस बार कन्नौज की सीट भाजपा नहीं बचा सकी
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यूपी के कन्नौज जिले की तीन विधानसभा सीटों में छिबरामऊ, तिर्वा पर भाजपा तो कन्नौज सदर सीट सपा के कब्जे में है। 2012 के निकाय चुनाव में कन्नौज नगर पालिका सीट पर भाजपा प्रत्याशी सरोज पाठक (भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत पाठक की मां) ने रिकार्ड मतों से जीत दर्ज कराई थी। छिबरामऊ नगर पालिका सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी आदेश गुप्ता जीती थीं। गुरसहायगंज नगर पालिका सीट पर सपा समर्थित राधा गुप्ता ने जीत हासिल की थी। इस बार कन्नौज की सीट भाजपा नहीं बचा सकी और यहां से पार्टी के बागी प्रत्याशी शैलेंद्र अग्निहोत्री ने जीत दर्ज कराई। छिबरामऊ सीट भाजपा ने निर्दलीय प्रत्याशी से छीन ली। यहां से भाजपा के राजीव दुबे जीते हैं।
गुरसहायगंज सीट बसपा के खाते में गई है। यहां से धीरेंद्र आर्य ने जीत दर्ज की है। जिले की पांच नगर पंचायत सीटों सौरिख, सिकंदरपुर, तालग्राम, तिर्वागंज और समधन की बात करें तो 2012 में सौरिख, सिकंदरपुर और तिर्वागंज में निर्दलीय प्रत्याशी जीते थे।
गुरसहायगंज सीट बसपा के खाते में गई है। यहां से धीरेंद्र आर्य ने जीत दर्ज की है। जिले की पांच नगर पंचायत सीटों सौरिख, सिकंदरपुर, तालग्राम, तिर्वागंज और समधन की बात करें तो 2012 में सौरिख, सिकंदरपुर और तिर्वागंज में निर्दलीय प्रत्याशी जीते थे।
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सपा जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा ने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करते हैं
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तालग्राम में सपा समर्थित दिनेश यादव और समधन नगर पंचायत सीट से मोहम्मद नकीम कांग्रेस की टिकट पर जीते थे। इस बार सौरिख की सीट पर भाजपा के संजय चतुर्वेदी ने कब्जा किया है। सिकंदरपुर, तालग्राम और तिर्वागंज निर्दलियों के खाते में गई है। यहां से क्रमश: उर्वशी दुबे, कुसमा देवी और मीरा गुप्ता जीती हैं। समधन नगर पंचायत सीट बहुजन समाज पार्टी की प्रत्याशी रूबीना बेगम के खाते में गई है। सपा समर्थित वाली तालग्राम और गुरसहायगंज सीट भी पार्टी के हाथ से निकल गई है।चुनाव परिणामों पर सपा जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा ने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करते हैं। पूरे जिले में सपा कोई सीट नहीं जीत पाई, इसकी गहन समीक्षा होगी। बागी प्रत्याशियों ने सपा उम्मीदवारों की जीत में रोड़ा लगाया है। बागियों के खिलाफ पार्टी जल्द ही कार्रवाई करेगी। बसपा जिलाध्यक्ष संजीव दोहरे ने कहा कि निकाय व नगर पंचायतों से बसपा के सिंबल पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी पूरी दमदारी के साथ लड़े।
चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा होगी
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आखिरी तक दूसरे दलों के प्रत्याशियों को टक्कर दी, जिसमें दो सीटें जीतने में पार्टी कामयाब रही है। जिन जगहों पर पार्टी नहीं जीत पाई, उसकी समीक्षा होगी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय मिश्रा ने कहा कि वोटरों ने पार्टी सिंबल की जगह निर्दलीय प्रत्याशियों पर अधिक भरोसा जताया। वह जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। पार्टी को चुनाव लड़ने में जहां पर दिक्कत हुई है, उसकी समीक्षा होगी। भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत ने कहा कि वह जिले में तीन सीटें जीतने में कामयाब रहे हैं। सिकंदरपुर की सीट पर उनका समर्थित प्रत्याशी चुनाव लड़कर जीता है। कन्नौज नगर पालिका में वह चुनाव हार गए हैं। चुनाव में हार के कारणों की समीक्षा होगी।