{"_id":"5a0f16cc4f1c1bc9678bc4cd","slug":"salman-khursheed-statement-about-gst-and-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी से तिलमिलाई जनता अब बदला लेना चाहती है: खुर्शीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी से तिलमिलाई जनता अब बदला लेना चाहती है: खुर्शीद
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 17 Nov 2017 10:38 PM IST
विज्ञापन
सभा में मौजूद पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने शुक्रवार शाम को फर्रुखाबाद सदर से पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। इसमें उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता भाजपा से जीएसटी और नोटबंदी का बदला लेकिन और जाति, धर्म के आधार पर राजनीति करने वालों को भी सबक सिखाएगी।
पूर्व सांसद सलमान खुर्र्शीद ने शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे मोहल्ला घोड़ा नक्कास में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। पूर्व विदेश मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत शहर के नेताओं और वोटों के गुणाभाग से की। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि हमारा वोट बंटा तो भाजपा जीत जाएगी। अगर भाजपा तब जीतेगी जब लोग नोटबंदी व जीएसटी का दर्द भूले होंगे। नोटबंदी और जीएसटी से तिलमिलाई जनता अब बदला लेना चाहती है। भाजपा ने कहा कि पहले कहा कि नोटबंदी के बाद भी हम चुनाव जीत गए। किंतु चोट लगने के बाद दर्द होता है, लोगों को वह दर्द जीएसटी लगने के बाद हुआ। देश में ज्यादातर काम नगद होता है। अमरीका, यूरोप को देखकर जीएसटी लगाई लेकिन हमारे देश के हालात समझकर फैसला लेना चाहिए था। भाजपा को इसका जवाब देने का वक्त आ गया है। शरीफ लोगों को हम हाथ जोड़कर सलाम करते हैं, दूसरो बंधू वही हाथ जोड़कर नमन करते हैं, हाथ थामने दोस्ती का हाथ बनता है। मुट्ठी बनने पर ताकत बनता है और वही हाथ है जो जरदोजी के धागों को पिरोता है। वही हाथ आज आपके बीच है। फर्रुखाबाद में बहुत कुछ होना चाहिए, बहुत कुछ नहीं हो पाया ऐसा मेरा विश्वास है। उन्होंने अपने ऊपर एहसान करने के नाम पर कांग्रेस के लिए वोट मांगा।
विज्ञापन
पूर्व सांसद सलमान खुर्र्शीद ने शुक्रवार शाम करीब साढ़े सात बजे मोहल्ला घोड़ा नक्कास में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। पूर्व विदेश मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत शहर के नेताओं और वोटों के गुणाभाग से की। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि हमारा वोट बंटा तो भाजपा जीत जाएगी। अगर भाजपा तब जीतेगी जब लोग नोटबंदी व जीएसटी का दर्द भूले होंगे। नोटबंदी और जीएसटी से तिलमिलाई जनता अब बदला लेना चाहती है। भाजपा ने कहा कि पहले कहा कि नोटबंदी के बाद भी हम चुनाव जीत गए। किंतु चोट लगने के बाद दर्द होता है, लोगों को वह दर्द जीएसटी लगने के बाद हुआ। देश में ज्यादातर काम नगद होता है। अमरीका, यूरोप को देखकर जीएसटी लगाई लेकिन हमारे देश के हालात समझकर फैसला लेना चाहिए था। भाजपा को इसका जवाब देने का वक्त आ गया है। शरीफ लोगों को हम हाथ जोड़कर सलाम करते हैं, दूसरो बंधू वही हाथ जोड़कर नमन करते हैं, हाथ थामने दोस्ती का हाथ बनता है। मुट्ठी बनने पर ताकत बनता है और वही हाथ है जो जरदोजी के धागों को पिरोता है। वही हाथ आज आपके बीच है। फर्रुखाबाद में बहुत कुछ होना चाहिए, बहुत कुछ नहीं हो पाया ऐसा मेरा विश्वास है। उन्होंने अपने ऊपर एहसान करने के नाम पर कांग्रेस के लिए वोट मांगा।
विज्ञापन