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केडीए की करोड़ों की जमीन बेच डाली
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sun, 30 Nov 2014 02:51 AM IST
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तहसील और केडीए कर्मचारियों ने मिलीभगत कर केडीए की करीब दस हजार वर्ग मीटर करोड़ों की जमीन बेच दी। जिलाधिकारी डॉ. रोशन जैकब से शिकायत के बाद जांच में यह खुलासा हुआ है।
अब तत्कालीन लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो रही है। केडीए से जमीन रिस्टोर कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया है।
जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी कि छतमरा चकेरी में आराजी संख्या 64/2 रकबा नंबर 0.2560 हेक्टेयर, अराजी नंबर 65 रकबा 0.3070 हेक्टेयर और आराजी नंबर 95/1 रकबा नंबर 0.3590 हेक्टेयर जमीन केडीए की थी।
19 जून 1997 को मुकदमा नंबर 2/97 जमींदार विनाश अधिनियम में एसीएम 2 की कोर्ट में केडीए के पक्ष में हुआ था। यह आदेश दबाकर भू माफिया ने अपने नाम करवाकर जमीन की प्लाटिंग कर बेच दिया।
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डीएम ने इसकी जांच एसडीएम सदर योगेंद्र कुमार को दी। तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि जांच में पाया गया कि तत्कालीन लेखपाल ने बिना किसी आदेश के पट्टे की जमीन को भूमिधरी (बिक्री के लिए घोषित) बना दिया।
पहले यह जमीन बंदी दीन के नाम थी। बंदी दीन के नाम से विमान नगर निवासी वंसुधरा सिंह पत्नी हरिपाल सिंह के नाम आई। तहसीलदार ने कहा कि तत्कालीन लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो रही है।
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अब तत्कालीन लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो रही है। केडीए से जमीन रिस्टोर कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया है।
जिलाधिकारी से शिकायत की गई थी कि छतमरा चकेरी में आराजी संख्या 64/2 रकबा नंबर 0.2560 हेक्टेयर, अराजी नंबर 65 रकबा 0.3070 हेक्टेयर और आराजी नंबर 95/1 रकबा नंबर 0.3590 हेक्टेयर जमीन केडीए की थी।
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19 जून 1997 को मुकदमा नंबर 2/97 जमींदार विनाश अधिनियम में एसीएम 2 की कोर्ट में केडीए के पक्ष में हुआ था। यह आदेश दबाकर भू माफिया ने अपने नाम करवाकर जमीन की प्लाटिंग कर बेच दिया।
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डीएम ने इसकी जांच एसडीएम सदर योगेंद्र कुमार को दी। तहसीलदार अनिल कुमार ने बताया कि जांच में पाया गया कि तत्कालीन लेखपाल ने बिना किसी आदेश के पट्टे की जमीन को भूमिधरी (बिक्री के लिए घोषित) बना दिया।
पहले यह जमीन बंदी दीन के नाम थी। बंदी दीन के नाम से विमान नगर निवासी वंसुधरा सिंह पत्नी हरिपाल सिंह के नाम आई। तहसीलदार ने कहा कि तत्कालीन लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो रही है।