{"_id":"6aab018c20c3f981530e11bf","slug":"rusted-machines-found-in-a-room-masquerading-as-a-factory-kanpur-news-c-12-1-knp1024-1653650-2026-09-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: फैक्टरी के नाम पर कमरे में मिलीं जंग लगी मशीनें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: फैक्टरी के नाम पर कमरे में मिलीं जंग लगी मशीनें
विज्ञापन
कानपुर। कल्याणपुर के ऑटो चालक शिवम शुक्ला के नाम पर 80 लाख का लोन कराकर हड़पने के मामले में बुधवार को पुलिस जब कागजों पर दिखाई गई फैक्टरी पहुंची तो दंग रह गई। शिवराजपुर स्थित जमीन पर बने छोटे से कमरे में सालों पुरानी कुछ जंग लगी मशीनें रखी मिलीं। जमीन का भी शिवम से कोई लेना-देना नहीं था। पुलिस के साथ उक्त जमीन पर लोन कराने वाला तत्कालीन इंडियन बैंक का मैनेजर कुमार पवन भी था। फैक्टरी के नाम पर खंडहर देख वह चुप्पी साध गया।
बता दें कि तीन दिन पूर्व विनायकपुर निवासी ऑटो चालक शिवम ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी कि सीए राहुल, बैंक के एजीएम ज्ञानेंद्र और मैनेजर कुमार पवन ने मिलकर उसके नाम पर फर्जी फर्म बना 80 लाख का लोन लिया। सारे रुपये हड़प लिए। उसे लोन के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं दी गई। सीपी के आदेश पर तीन बैंक और एक जीएसटी अधिकारी समेत नौ लोगों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि दो साल पहले इसी तरह 10-12 और लोगों के फर्जी लोन कराया गया था। उनकी भी जांच की जाएगी।
इसी कड़ी में बुधवार को पुलिस की टीम ने शिवम के लोन संबंधी सभी कागज एकत्र किए। आरोपी सीए, मैनेजर व एजीएम को लेकर शिवराजपुर पहुंची जहां शिवम की फैक्टरी कागजों में दिखाई गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले मैनेजर कुमार पवन तो यहां जरूर आए थे लेकिन न तो शिवम कभी आया और न ही कभी फैक्टरी शुरू की गई। कुछ छोटी-छोटी मशीनें सालों से कबाड़ में बदल रही हैं। पुलिस ने बताया लोन के लिए शिवम की जिस जमीन के कागज बतौर गारंटी लगाए गए हैं वह अभी भी उसकी दिवंगत मां के नाम है। शिवम और उसके भाई का नाम भी नहीं चढ़ा है। पता किया जा रहा है कि आखिर दिवंगत मां के स्थान पर किसने लोन के कागजों पर हस्ताक्षर किए हैं। फिलहाल, जमीन के सत्यापन का काम पूरा हो गया है।
विज्ञापन
एक साल पहले ही वंदना का हो चुका तबादला
शिवम की एफआईआर में तत्कालीन जीएसटी अधिकारी वंदना मिश्रा पर भी लोन पास कराने के लिए 5000 रुपये लेने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार दो साल पहले वंदना की राज्यकर अधिकारी के रूप में तैनाती थी। करीब एक साल पहले ही उनका तबादला मैनपुरी हो गया है। बताया जाता है कि मैनपुरी में भी वंदना के खिलाफ कोई जांच चल रही है। हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
मशीन खरीद के कागजों की आज होगी जांच
पुलिस जब सोमवार को इस्पात नगर स्थित मशीन बेचने वाली उस कंपनी के अधिकारियों से भी मिली थी जिसके पास लोन की रकम का एक हिस्सा खरीद-फरोख्त के नाम पर भेजा गया था। पुलिस ने बताया कि अभी अधिकारियों ने मौखिक रूप से बताया है कि मशीनों की डिलीवरी भी की गई है लेकिन किसको की गई, इसके कागज गुरुवार को देखे जाएंगे।
वर्जन...
घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। फिलहाल, जमीन और फैक्टरी की गुत्थी सुलझी है। अभी शिवम के कुछ और कागजातों की पड़ताल बाकी है। इसके बाद पुराने और मामलों को भी सामने लाया जाएगा। एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम
विज्ञापन
बता दें कि तीन दिन पूर्व विनायकपुर निवासी ऑटो चालक शिवम ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी कि सीए राहुल, बैंक के एजीएम ज्ञानेंद्र और मैनेजर कुमार पवन ने मिलकर उसके नाम पर फर्जी फर्म बना 80 लाख का लोन लिया। सारे रुपये हड़प लिए। उसे लोन के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं दी गई। सीपी के आदेश पर तीन बैंक और एक जीएसटी अधिकारी समेत नौ लोगों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि दो साल पहले इसी तरह 10-12 और लोगों के फर्जी लोन कराया गया था। उनकी भी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
इसी कड़ी में बुधवार को पुलिस की टीम ने शिवम के लोन संबंधी सभी कागज एकत्र किए। आरोपी सीए, मैनेजर व एजीएम को लेकर शिवराजपुर पहुंची जहां शिवम की फैक्टरी कागजों में दिखाई गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले मैनेजर कुमार पवन तो यहां जरूर आए थे लेकिन न तो शिवम कभी आया और न ही कभी फैक्टरी शुरू की गई। कुछ छोटी-छोटी मशीनें सालों से कबाड़ में बदल रही हैं। पुलिस ने बताया लोन के लिए शिवम की जिस जमीन के कागज बतौर गारंटी लगाए गए हैं वह अभी भी उसकी दिवंगत मां के नाम है। शिवम और उसके भाई का नाम भी नहीं चढ़ा है। पता किया जा रहा है कि आखिर दिवंगत मां के स्थान पर किसने लोन के कागजों पर हस्ताक्षर किए हैं। फिलहाल, जमीन के सत्यापन का काम पूरा हो गया है।
विज्ञापन
एक साल पहले ही वंदना का हो चुका तबादला
शिवम की एफआईआर में तत्कालीन जीएसटी अधिकारी वंदना मिश्रा पर भी लोन पास कराने के लिए 5000 रुपये लेने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार दो साल पहले वंदना की राज्यकर अधिकारी के रूप में तैनाती थी। करीब एक साल पहले ही उनका तबादला मैनपुरी हो गया है। बताया जाता है कि मैनपुरी में भी वंदना के खिलाफ कोई जांच चल रही है। हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
मशीन खरीद के कागजों की आज होगी जांच
पुलिस जब सोमवार को इस्पात नगर स्थित मशीन बेचने वाली उस कंपनी के अधिकारियों से भी मिली थी जिसके पास लोन की रकम का एक हिस्सा खरीद-फरोख्त के नाम पर भेजा गया था। पुलिस ने बताया कि अभी अधिकारियों ने मौखिक रूप से बताया है कि मशीनों की डिलीवरी भी की गई है लेकिन किसको की गई, इसके कागज गुरुवार को देखे जाएंगे।
वर्जन...
घोटाले की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। फिलहाल, जमीन और फैक्टरी की गुत्थी सुलझी है। अभी शिवम के कुछ और कागजातों की पड़ताल बाकी है। इसके बाद पुराने और मामलों को भी सामने लाया जाएगा। एसएम कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम