Kanpur: आरटीओ के बाबू ने उन्नाव में ट्रेन के आगे कूदकर जान दी, ऑफिस में बात की…कहा-सीएल लगा दो, पढ़ें मामला
Kanpur News: उन्नाव एआरटीओ (प्रवर्तन) अरविंद सिंह ने कानपुर कार्यालय में अधिकारियों को सूचना दी तो पता चला कि राम प्रवेश ने एक बाबू से 10:15 बजे फोन पर बात की थी। तबीयत सही नहीं होने की बात कहकर सीएल चढ़ाने को बोल दिया था।
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कानपुर संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में तैनात प्रधान सहायक (बाबू) ने गुरुवार सुबह उन्नाव में झांसी पैसेंजर के आगे कूदकर जान दे दी। वह मूलरूप से लखनऊ के रहने वाले थे। मृतक के पास से मिले मोबाइल की मदद से पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। परिजन आत्महत्या की वजह नहीं बता सके। वहीं, पोस्टमॉर्टम हाउस में कार्यभार के तनाव के चलते जान देने की चर्चा रही।
लखनऊ के निशातगंज पेपर मिल निवासी राम प्रवेश वर्मा (56) कानपुर संभागीय परिवहन कार्यालय में प्रधान सहायक पद पर तैनात थे। वह कानपुर में किराए पर कमरा लेकर रहते थे। बेटे संचित के मुताबिक राम प्रवेश बुधवार को घर गए थे। गुरुवार सुबह 6:30 बजे संचित उन्हें बाइक स्टेशन छोड़ने के लिए निकला था। स्टेशन से थोड़ा पहले जाम लगा होने के चलते राम प्रवेश बाइक से उतरकर पैदल ही स्टेशन की ओर चले गए। सुबह 11:30 बजे उन्नाव पुलिस ने राम प्रवेश का शव ट्रैक पर मिलने की जानकारी दी। मां सविता के साथ थाने पहुंचकर संचित ने राम प्रवेश की शिनाख्त की। पुलिस ने पंचायतनामा भेजकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
बाबू से बात की और बोले सीएल लगा दो
उन्नाव एआरटीओ (प्रवर्तन) अरविंद सिंह ने कानपुर कार्यालय में अधिकारियों को सूचना दी तो पता चला कि राम प्रवेश ने एक बाबू से 10:15 बजे फोन पर बात की थी। तबीयत सही नहीं होने की बात कहकर सीएल चढ़ाने को बोल दिया था। राम प्रवेश की बेटी अंजली नोएडा में नौकरी करती है। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे।
पायलट ने मेमू में की आत्महत्या की पुष्टि
रामप्रवेश का शव रेलवे ट्रैक पर मिला लेकिन पुलिस को तलाशी में उनके पास से न तो कोई टिकट मिला और न ही एमएसटी। दही थानाध्यक्ष संजीव कुशवाहा ने बताया राम प्रवेश यहां कैसे पहुंचे इस तथ्य का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। आरपीएफ एसआई लालचंद्र के मुताबिक ट्रेन के लोको पायलट राजदीप ने मेमो में बताया है कि लखनऊ से कानपुर आते समय सुबह 10:30 बजे खंभा नंबर 51/24 और 25 के बीच एक व्यक्ति ट्रेन के आगे कूद गया।
मां की मौत के बाद तनाव में थे
बेटे संचित के मुताबिक बीते माह 16 जनवरी को राम प्रवेश की मां रजनीश देवी की मौत हो गई थी। जिसके बाद से वह तनाव में चल रहे थे। राम प्रवेश की मौत के बाद उनपर अतिरिक्त कार्यभार की भी चर्चा रही। संभागीय परिवहन कार्यालय कानपुर के एआरटीओ आलोक कुमार ने बताया वह एक कर्मठ कर्मचारी थे। लाइसेंस और टीआर संबंधी कार्य वह देखते थे। दफ्तर में उन्होंने न तो अधिकारियों को कोई समस्या बताई और न ही साथियों से कभी कुछ कहा। वहीं घटना की जानकारी के बाद कानपुर कार्यालय में शोक संवेदना व्यक्त की गई। राजपत्रित अधिकारी पीटीआई मानवेंद्र सिंह के साथ विभागीय कर्मचारी उन्नाव रवाना हुए। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लखनऊ ले गए।