बच्चों पर संघ की नजर
- पांच से दस साल के बच्चों को संघ बनाएगा स्वयं सेवक
- आरएसएस की कोयंबटूर में हुई बैठक में लिया गया फैसला
- बचपन से ही सेवा का संस्कार देगा संघ
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मोदी के बाद प्रदेश में योगी की सरकार आने पर संघ की गतिविधियों में भी तेजी आई है। अब तय किया गया है कि बच्चों को संघ की गतिविधियां तेज की जाएंगी। यह फैसला पिछले दिनों कोयंबटूर में हुई प्रतिनिधि सभा में लिया गया था। इसकी जानकारी सोमवार को यहां प्रांत संघ चालक वीरेंद्र पराक्रमादित्य ने पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि बच्चों पर फोकस इसलिए किया जा रहा है कि इस उम्र में जो संस्कार दिए जाते हैं, वे जीवन पर्यंत बने रहते हैं। यही वजह है कि संघ बच्चों की शाखाएं बढ़ाने और स्कूलों, कालेजों में कार्यक्रम ज्यादा से ज्यादा चलाने पर जोर दे रहा है। कार्यक्रम अप्रैल से शुरू होंगे। उन्होंने बताया कि संघ कार्य के विस्तार के साथ-साथ इसे सुदृढ़ भी किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि देश भर में संघ के माध्यम से 1.50 लाख सेवा कार्य चल रहे हैं। पूरे देश में 57 हजार से अधिक शाखाएं हैं। महाविद्यालयों में छात्रों की शाखाएं 6 हजार से ज्यादा है। कानपुर प्रांत में कुल 1448 शाखा लगती है। इसके अतिरिक्ति 269 साप्ताहिक और 178 बड़ी आयु के स्वयं सेवकों के मिलन केंद्र हैं। इस मौके पर प्रांत कार्यवाह काशीराम, प्रांत प्रचार प्रमुख मोहन अग्रवाल, सह प्रचार प्रमुख अनुपम और शिवभूषण मौजूद रहे।