{"_id":"60e2c2ef8ebc3e549a49440f","slug":"riverfront-scam-cbi-team-seizes-pulkit-agarwal-s-house-in-etawah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रिवरफ्रंट घोटाला: इटावा में सीबीआई की टीम ने पुनीत अग्रवाल का घर किया सीज, बताए जा रहे हैं शिवपाल के करीबी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिवरफ्रंट घोटाला: इटावा में सीबीआई की टीम ने पुनीत अग्रवाल का घर किया सीज, बताए जा रहे हैं शिवपाल के करीबी
Mon, 05 Jul 2021 02:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 05 Jul 2021 02:00 PM IST
सार
गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की एक टीम ने सोमवार को इटावा में पुनीत अग्रवाल के घर में छापा मारा है। सीबीआई की टीम ने उनके एक मकान को सीज भी कर दिया है।
विज्ञापन
इटावा में सीबीआई की टीम का छापा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान बने गोमती रिवर फ्रंट में हुए घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की एक टीम ने इटावा में पुनीत अग्रवाल नाम के व्यक्ति के कई घरों में छापा मारा है। सुबह इटावा के चौभुर्जी इलाके में बने पुनीत के माकान में सीबीआई की एक टीम पहुंची।
वहां जांच होने के बाद इटावा के सिविल लाइंस स्थित पुनीत के आवास पर सीबीआई की टीम दो गाड़ियों से पहुंची। दोनों गाड़ियों को पुनीत के घर के पिछले हिस्से में लगाया गया। जिसके बाद सीबीआई की 12 सदस्यी टीम पुलकित के घर पहुंची। जांच के बाद घर को टीम ने सीज कर दिया है।
घर के बाहर दो सिपाही भी तैनात कर दिए गए है। जिससे कोई अंदर और बाहर आ या जा न सके। बताया जा रहा है कि पुनीत अग्रवाल प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव के करीबी हैं और पुनीत ने रिवर फ्रंट में काम किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहां जांच होने के बाद इटावा के सिविल लाइंस स्थित पुनीत के आवास पर सीबीआई की टीम दो गाड़ियों से पहुंची। दोनों गाड़ियों को पुनीत के घर के पिछले हिस्से में लगाया गया। जिसके बाद सीबीआई की 12 सदस्यी टीम पुलकित के घर पहुंची। जांच के बाद घर को टीम ने सीज कर दिया है।
विज्ञापन
घर के बाहर दो सिपाही भी तैनात कर दिए गए है। जिससे कोई अंदर और बाहर आ या जा न सके। बताया जा रहा है कि पुनीत अग्रवाल प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव के करीबी हैं और पुनीत ने रिवर फ्रंट में काम किया था।
विज्ञापन
क्या है रिवर फ्रंट घोटाला
रिवरफ्रंट घोटाले के आरोप समाजवादी पार्टी सरकार पर लगते रहे हैं। रिवरफ्रंट सपा सरकार में गोमती नदी के किनारे बनवाया गया था जिसका सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रचार करते रहे हैं। प्रदेश में 2017 में भाजपा सरकार आने पर मामले की जांच की बात कही गई थी जिसके बाद से कई अफसरों के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
मामले में अब फिर से छापेमारी का दौर शुरू हो चुका है। करीब 1500 करोड़ रुपये के इस घोटाले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच कर रहा है। राज्य सरकार ने चार साल पहले घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की थी।
उससे पहले अप्रैल 2017 में प्रदेश सरकार ने रिवर फ्रंट घोटाले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद गोमती नगर थाने में कई अधिकारियों के खिलाफ कमेटी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उसी एफआईआर को आधार बनाकर सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
एक इंजीनियर रूप सिंह की गिरफ्तारी इस मामले में कुछ ही दिन पहले की गई थी। रिवर फ्रंट परियोजना के तहत अकेले सिंचाई विभाग ने 800 से अधिक टेंडर जारी किए थे। इनमें नियमों को दरकिनार कर ठेकेदारों को काम दिया गया था। उस समय लखनऊ खंड शारदा नहर के अधिशासी अभियंता रूप सिंह के खिलाफ सीबीआई को पर्याप्त सुबूत मिले थे।
रिवरफ्रंट घोटाले के आरोप समाजवादी पार्टी सरकार पर लगते रहे हैं। रिवरफ्रंट सपा सरकार में गोमती नदी के किनारे बनवाया गया था जिसका सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रचार करते रहे हैं। प्रदेश में 2017 में भाजपा सरकार आने पर मामले की जांच की बात कही गई थी जिसके बाद से कई अफसरों के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
मामले में अब फिर से छापेमारी का दौर शुरू हो चुका है। करीब 1500 करोड़ रुपये के इस घोटाले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच कर रहा है। राज्य सरकार ने चार साल पहले घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की थी।
उससे पहले अप्रैल 2017 में प्रदेश सरकार ने रिवर फ्रंट घोटाले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद गोमती नगर थाने में कई अधिकारियों के खिलाफ कमेटी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उसी एफआईआर को आधार बनाकर सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
एक इंजीनियर रूप सिंह की गिरफ्तारी इस मामले में कुछ ही दिन पहले की गई थी। रिवर फ्रंट परियोजना के तहत अकेले सिंचाई विभाग ने 800 से अधिक टेंडर जारी किए थे। इनमें नियमों को दरकिनार कर ठेकेदारों को काम दिया गया था। उस समय लखनऊ खंड शारदा नहर के अधिशासी अभियंता रूप सिंह के खिलाफ सीबीआई को पर्याप्त सुबूत मिले थे।