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डाकू बबुली कोल को दबोचने की रणनीति सही थी, जल्दबाजी में बिगड़ा गेम
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:35 AM IST
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नानी की मौत की सूचना पर निही पहुंचे डाकू बबुली कोल गैंग को दबोचने के लिए पुलिस की रणनीति सही थी लेकिन शायद जल्दबाजी से मामला गडबड़ हो गया। डकैतों को सुनियोजित तरीके से खाना खिलाकर,सर्विलांस से सूचना पहुंचाना और मुखबिर के साथ डकैतों पर गोली चलाने की सारी योजना सफल रही लेकिन एक चूक ही पुलिस को भारी पड़ गई।
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सूत्रों की मानें तो गोली लगने से घायल 60 हजार का इनामी डाकू लवलेश और सरगना बबुली दोनों को इलाज के संसाधन मिल गए और दोनों जिंदा हैं। एसटीएफ व कोबरा पीएसी आने के बाद अब जंगल से गैंग जान बचाने को बेधक के जंगल की ओर मूवमेंट कर गया है।
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मानिकपुर थाना क्षेत्र के औदर जंगल में भागे डाकू बबुली कोल व उसके दाहिने हाथ लवलेश कोल को गोली लगने का दावा कर रही पुलिस टीम अभी भी बैकफुट पर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम से ही पुलिस टीम ने अपने खास मुखबिरों के माध्ययम से निही गांव में कुछ लोगों को डकैतों की सूचना देने और खाना खिलाने को तैयार किया था। गुरुवार को तड़के तक सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से चला और पुलिस ने मुखबिरों के माध्ययम से ही अंधेरे में डकैतों पर गोली भी चला दी। जिससे लवलेश के गोली लगने से गिरने पर अन्य को दबोचने का प्रयास किया गया। इसी दौरान भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा लेकिन शातिर डकैतों ने अपने साथियों को बचाने के लिए लगातार पुलिस टीम पर फायरिंग की और गोली लगने से घायलों को साथ ले जाने में सफल रहे।
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सर्विलांस से लेकर जंगल के आस पास रहने वाले लोगों की मानें तो घायल डाकुओं को इलाज की दवा आदि पहुंच गई और दोनों (बबुली-लवलेश) की जान बच गई है। सूत्रों के अलावा कुछ पुलिस अधिकारी भी मानते हैं कि अब डाकू निही के औदर जंगल से नागर की ओर होता हुआ बेधक जंगल की ओर निकल गया है। पूरे मामले में डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि अभी सब सुनी सुनाई बातें हैं। पुलिस टीमें पूरा प्रयास कर रहीं हैं। जहां से भी कुछ लोकेशन मिलती है तो उस पर कार्य किया जा रहा है। दोनों के जिंदा होने के मामले में कुछ नहीं कहा।
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कौन है वो साधु बाबा
सूत्रों के अनुसार औदर जंगल से किसी तरह भाग कर डाकू बबुली कोल के साथ लवलेश व अन्य साथी हैं। सभी बेधक जंगल की ओर जा रहे थे तभी रास्ते में एक मंदिर पर साधु बाबा मिले। डकैतों ने बाबा के ही मोबाइल से अपने कुछ लोगों को फोन कर दवा व कुछ अन्य सामग्री मंगाई। रात को ही सारी सामग्री पहुंचने पर डकैत वहां से भाग निकले। अब वह मोबाइल स्विच आफ बता रहा है। सर्विलांस टीम भी उस नेटवर्क वाले मोबइल को तलाश रही है।
:- चर्चा है कि इलाज मिलने के बाद बच गया डाकू लवलेश
:- एसटीएफ व कोबरा पीएसी के भय से बदल रहे अड्डे
सूत्रों के अनुसार औदर जंगल से किसी तरह भाग कर डाकू बबुली कोल के साथ लवलेश व अन्य साथी हैं। सभी बेधक जंगल की ओर जा रहे थे तभी रास्ते में एक मंदिर पर साधु बाबा मिले। डकैतों ने बाबा के ही मोबाइल से अपने कुछ लोगों को फोन कर दवा व कुछ अन्य सामग्री मंगाई। रात को ही सारी सामग्री पहुंचने पर डकैत वहां से भाग निकले। अब वह मोबाइल स्विच आफ बता रहा है। सर्विलांस टीम भी उस नेटवर्क वाले मोबइल को तलाश रही है।
:- चर्चा है कि इलाज मिलने के बाद बच गया डाकू लवलेश
:- एसटीएफ व कोबरा पीएसी के भय से बदल रहे अड्डे