फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Republic Day: In the memory of martyrs, programs are organized 300 days in a year

इनसे है गणतंत्र: शहीदों की याद में साल में 300 दिन करते हैं कार्यक्रम, आजाद का इतिहास पढ़कर हुए प्रेरित

Tue, 24 Jan 2023 10:55 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 24 Jan 2023 10:55 AM IST
सार

सर्वेश कुमार पांडेय बताते हैं कि समिति के बैनर तले वे साल में तकरीबन 300 दिन शहीदों की याद में कार्यक्रम करते हैं। इसके लिए किसी से सहयोग नहीं लेते। बताते हैं कि एक बार चंद्रशेखर आजाद की जयंती कार्यक्रम के लिए पैसे नहीं थे। तब उन्होंने जयंती से आठ दिन पहले जूतों में पालिश कर आठ सौ रुपये कमाए। इससे उन्होंने कार्यक्रम का आयोजन किया।

विज्ञापन
Republic Day: In the memory of martyrs, programs are organized 300 days in a year
सर्वेश कुमार पांडेय उर्फ निन्नी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंद्रशेखर आजाद जन कल्याण समिति के संस्थापक व अध्यक्ष सर्वेश कुमार पांडेय उर्फ निन्नी ने क्रांतिकारियों के प्रति एक मुहिम सी चला रखी है। यह मुहिम है क्रांतिकारियों की जयंती और उनका बलिदान दिवस मनाने की। इसके लिए वे पूरी तरह से समर्पित हैं। क्रांतिकारियों की वीरगाथा निन्नी बड़े उत्साह और जोशीले नारों के साथ सुनाते हैं।

विज्ञापन


निन्नी बताते हैं कि समिति के बैनर तले वे साल में तकरीबन 300 दिन शहीदों की याद में कार्यक्रम करते हैं। इसके लिए किसी से सहयोग नहीं लेते। बताते हैं कि एक बार चंद्रशेखर आजाद की जयंती कार्यक्रम के लिए पैसे नहीं थे। तब उन्होंने जयंती से आठ दिन पहले जूतों में पालिश कर आठ सौ रुपये कमाए। इससे उन्होंने कार्यक्रम का आयोजन किया। बताते हैं कि बचपन में कर्नलगंज में रहने के दौरान पिता प्रोफेसर आरएन पांडेय उनको शहीदों के किस्से सुनाया करते थे। उन्हीं से प्रेरित होकर 1975 में समिति का गठन किया था।

विज्ञापन

आजाद का इतिहास पढ़ हुए प्रेरित
निन्नी ने 1991 का एक वाकया बताया कि एक बार वे मैहर दर्शन करने जा रहे थे। मैहर स्टेशन के बाहर जमीन पर चंद्रशेखर आजाद की तस्वीर और संक्षिप्त इतिहास जमीन में पड़ा मिला। वह इतिहास पढ़ने के बाद वे चंद्रशेखर आजाद के शहीद स्थल अल्फ्रेड पार्क इलाहाबाद (अब प्रयागराज) पहुंचे। यहां मूर्ति को नमन कर शहीदों की याद में कार्यक्रम करने का बीड़ा उठाया। शहर में कार्यक्रम की शुरुआत गोल चौराहा स्थित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा से की। तब से शहर में लगी शहीदों की प्रतिमाओं पर उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम करते आ रहे हैं। बताते हैं कि कांग्रेस सरकार ने उनके पत्र का संज्ञान लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भगत सिंह की मूर्ति संसद में स्थापित की थी। अब वे बटुकेश्वर दत्त और चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति भी स्थापित करने की मांग कर रहे हैं। इनकी समिति में करीब 1000 सदस्य हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed