फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Report filed on shopkeeper who wrote 'Islam the only solution' on the bill

एफआईआर इज ऑनली सॉल्यूशन ?: बिल पर ‘इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन’ लिखने वाले दुकानदार पर दर्ज हुई रिपोर्ट

Sun, 24 Oct 2021 11:39 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 24 Oct 2021 11:39 AM IST
सार

कानपुर में मेस्टन रोड के दुकानदार सालिम को खरीदारी के बिल पर ‘इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन’ लिखवाना भारी पड़ा। सोशल मीडिया पर इस बिल का वीडियो वायरल हुआ और मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस कमिश्नर ने जांच बैठा दी थी। जांच के बाद दुकानदार को क्लीनचिट दे दी गई है।

विज्ञापन
Report filed on shopkeeper who wrote 'Islam the only solution' on the bill
संदेश लिखी पर्ची हो रही वायरल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में मेस्टन रोड के दुकानदार सालिम को खरीदारी के बिल पर ‘इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन’ लिखवाना भारी पड़ा। सोशल मीडिया पर इस बिल का वीडियो वायरल हुआ और मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस कमिश्नर ने जांच बैठा दी।
विज्ञापन


एसीपी कोतवाली अशोक कुमार सिंह ने सालिम से कई घंटे पूछताछ की। हालांकि कोई आपराधिक कृत्य का सुबूत नहीं मिला। कॉल डिटेल भी निकलवाई गई। अचानक रात करीब नौ बजे मूलगंज थाने में सालिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया गया।
विज्ञापन


पुलिस की इस कार्रवाई ने खामखां समाज में एक  नई बहस छेड़ दी। लोग सवाल करने लगे कि जब किसी की भावना आहत नहीं, कोई शिकायत नहीं और धर्म का प्रचार कोई बुराई नहीं, फिर रिपोर्ट दर्ज करने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई? क्या पुलिस हर मामले में इतनी ही तत्परता से रिपोर्ट दर्ज करती है? बताते हैं कि पुलिस के अलावा कई अन्य एजेंसियों ने भी जांच शुरू की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस आरोप में दर्ज किया है केस
पुलिस ने आईपीसी 505(2) के तहत केस दर्ज किया है। जिसके मुताबिक जब अलग-अलग समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा की भावना पैदा करने के लिए झूठे बयान फैलाना होता है। यह गैर जमानती धारा है। तीन वर्ष तक की सजा हो सकती है। जानकार बताते हैं कि ‘इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन’ कहीं से भी आपराधिक कृत्य नहीं है। 

 

धर्म का प्रचार अपराध नहीं
वरिष्ठ अधिवक्ता कौशल किशोर शर्मा का कहना है कि दुकानदार ने जो वाक्य लिखा है उससे वह अपराधी नहीं हो जाता। हर किसी को अपने धर्म का प्रचार प्रसार और उसमें आस्था रखने का अधिकार है। अगर कोई ऐसा कथन होता जिससे किसी दूसरे धर्म को नीचा या अपमानित किया जा रहा होता तब वह अपराध की श्रेणी में आता। या किसी अपराध में वह शामिल हो तभी उस पर कानूनी कार्रवाई बनती है।

व्यापार की बरकत के लिए कथन लिखा
सालिम से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि पिता पहले रबर का व्यापार करते थे। वही व्यापार अब वह कर रहे हैं। व्यापार अच्छा नहीं चल रहा था। तब पिता ने कहा था कि बिल की पर्ची पर ‘इस्लाम द ओनली सॉल्यूशन’ लिखवा लो। इससे बरकत होगी। इसलिए उसने ऐसा किया। एससीपी का कहना है कि केस दर्ज किया गया है। जांच की जाएगी। जैसे साक्ष्य मिलेंगे उस आधार पर कार्रवाई होगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed