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हरदोई: फर्जी शिक्षिका के खिलाफ रिपोर्ट, 4.38 लाख की वसूली होगी
Thu, 02 Jul 2020 10:38 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 02 Jul 2020 10:38 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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हरदोई जिले में शिक्षा विभाग के प्रधान लिपिक के एसटीएफ की गिरफ्त में आने के बाद अंजलि नाम की फर्जी शिक्षिका के जनपद में रहने की पुष्टि हुई है। शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। चार लाख 38 हजार रुपये की वसूली की जाएगी।
पिछले दिनों फर्जी अभिलेखों के आधार पर अनामिका प्रकरण में एसटीएफ ने खुलासा किया था। जिले में शिक्षा विभाग में प्रधान लिपिक के पद पर तैनात रामनाथ (वर्तमान में जीआईसी पाली से संबद्ध थे) को गिरफ्त में लेकर इस गिरोह का साथी बताया गया था।
अंजलि नाम की युवती को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिका के पद पर नियुक्ति दिलाने की बात बताई गई। अभिलेख खंगालने पर पाया गया कि अंजलि नाम की शिक्षिका जिले में तैनात रही थी। अंजलि पुत्री रामलड़ैते की नियुक्ति गृह विज्ञान की पार्ट टाइम शिक्षिका के पद पर कस्तूरबा विद्यालय सुरसा में 11 जून 2011 को हुई।
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पिछले दिनों फर्जी अभिलेखों के आधार पर अनामिका प्रकरण में एसटीएफ ने खुलासा किया था। जिले में शिक्षा विभाग में प्रधान लिपिक के पद पर तैनात रामनाथ (वर्तमान में जीआईसी पाली से संबद्ध थे) को गिरफ्त में लेकर इस गिरोह का साथी बताया गया था।
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अंजलि नाम की युवती को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिका के पद पर नियुक्ति दिलाने की बात बताई गई। अभिलेख खंगालने पर पाया गया कि अंजलि नाम की शिक्षिका जिले में तैनात रही थी। अंजलि पुत्री रामलड़ैते की नियुक्ति गृह विज्ञान की पार्ट टाइम शिक्षिका के पद पर कस्तूरबा विद्यालय सुरसा में 11 जून 2011 को हुई।
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31 जुलाई 2011 को अंग्रेजी विषय से इसी स्कूल में फुलटाइम शिक्षिका बना दिया गया। पांच दिसंबर 2011 को यहां से कार्यमुक्त कर दिया गया। छह दिसंबर 2011 को बेंहदर के कस्तूरबा विद्यालय में वार्डन के पद पर तैनात कर दिया गया।
वार्डन पद पर अंग्रेजी विषय बताया गया। डीसी ने बताया कि इसके बाद वह मई 2014 तक कार्य करती रहीं। एक जून व दो जून को आरएल पर रहीं। तीन दिसंबर को जिलेभर में सामूहिक निरीक्षण कराया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने तीन जून को छुट्टी पर पाया।
फर्जी बताते हुए सेवा समाप्ति की संस्तुति कर दी। इसके बाद वह नर्हीं आइं। अब संबंधित लिपिक पवन कुमार की तहरीर पर थाना कासिमपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि शिक्षिका सुरसा व बेंहदर बा स्कूल में पार्ट टाइम से लेकर वार्डन तक रहीं। चार लाख 38 हजार 74 रुपये मानदेय के रूप में लिए। वसूली के निर्देश दिए गए हैं।
वार्डन पद पर अंग्रेजी विषय बताया गया। डीसी ने बताया कि इसके बाद वह मई 2014 तक कार्य करती रहीं। एक जून व दो जून को आरएल पर रहीं। तीन दिसंबर को जिलेभर में सामूहिक निरीक्षण कराया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने तीन जून को छुट्टी पर पाया।
फर्जी बताते हुए सेवा समाप्ति की संस्तुति कर दी। इसके बाद वह नर्हीं आइं। अब संबंधित लिपिक पवन कुमार की तहरीर पर थाना कासिमपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है। बीएसए हेमंत राव ने बताया कि शिक्षिका सुरसा व बेंहदर बा स्कूल में पार्ट टाइम से लेकर वार्डन तक रहीं। चार लाख 38 हजार 74 रुपये मानदेय के रूप में लिए। वसूली के निर्देश दिए गए हैं।