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महिलाओं में चिड़चिड़ापन और क्रोधी स्वभाव की वजह है कुछ और
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 04 Mar 2017 01:24 AM IST
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चिड़चिड़ापन और क्रोधी स्वभाव की वजह महिलाओं में कुछ और है। इसे नजरअंदाज करना सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। नेचुरोपैथ डॉ. राजेश मिश्र ने कहा कि जल्दबाजी में भोजन करने वाले, अधिकांश भूखे रहने वाले चिड़चिड़े व क्रोधी स्वभाव के हो जाते हैं। इसलिए भोजन को कम से कम 20-25 मिनट तक अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए।
हरदोई के शहीद उद्यान स्थित कायाकल्प केंद्र में महिलाओं के लिए एक मार्च से आहार चिकित्सा शिविर चल रहा है। डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि अधिकांश महिलाएं खुद के चिड़चिड़े होने की शिकायत करती हैं। महिलाएं कहती हैं कि जरा सी बात पर बच्चों व अन्य परिजनों पर गुस्सा जता देतीं हैं। इसके पीछे और कोई कारण नहीं बल्कि काम की व्यस्तता के चलते भूखे रहना या फिर सही से भोजन न करना है। उन्होंने कहा कि वह महिलाओं को उनके रोगानुसार आहार चार्ट दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए रसोई से चाय, कॉफी, चीनी और रिफाइंड को फेंकना होगा। कहा कि यह चीजें स्वास्थ्य को चौपट कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि गेंहू की भूसी निकालने का चलन बंद होना चाहिए।
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हरदोई के शहीद उद्यान स्थित कायाकल्प केंद्र में महिलाओं के लिए एक मार्च से आहार चिकित्सा शिविर चल रहा है। डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि अधिकांश महिलाएं खुद के चिड़चिड़े होने की शिकायत करती हैं। महिलाएं कहती हैं कि जरा सी बात पर बच्चों व अन्य परिजनों पर गुस्सा जता देतीं हैं। इसके पीछे और कोई कारण नहीं बल्कि काम की व्यस्तता के चलते भूखे रहना या फिर सही से भोजन न करना है। उन्होंने कहा कि वह महिलाओं को उनके रोगानुसार आहार चार्ट दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए रसोई से चाय, कॉफी, चीनी और रिफाइंड को फेंकना होगा। कहा कि यह चीजें स्वास्थ्य को चौपट कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि गेंहू की भूसी निकालने का चलन बंद होना चाहिए।
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