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... तस्वीरों में देखें, हाईवे पर कितना सुरक्षित हैं आप और आपका परिवार
मनीष निगम, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 29 May 2017 08:25 AM IST
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इस तरह हाईवे पर सोती मिली पुलिस
- फोटो : ओपी वाधवानी
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ग्रेटर नोएडा के जेवर से बुलंदशहर जाने वाले स्टेट हाईवे पर गैंगरेप और लूट की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। अब सवाल ये उठता है कि जो लोग अपने परिवार के साथ रात में हाईवे से निकल रहे हैं वे खुद को अब कितना सुरक्षित महसूस करते हैं। कानपुर-इटावा हाईवे पर 500 लुटेरे सक्रिय हैं। यह बात खुद एडीजी जोन अविनाश चंद्र ने मानी है लेकिन बृहस्पतिवार को उनके निरीक्षण के 24 घंटे बाद ही हाईवे लावारिस और असुरक्षित नजर आया।
राजमार्ग की वास्तविकता जांच
- फोटो : ओपी वाधवानी
शुक्रवार देर रात अमर उजाला टीम ने बर्रा से लेकर सचेंडी थाने के आगे तक (करीब 15 किलोमीटर) हाईवे का हाल जाना तो सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं दिखा। हाईवे पर तीन डायल-100 की गाड़ियां तो मिलीं लेकिन दो सड़क किनारे खड़ी थीं, जिनमें पुलिसकर्मी सो रहे थे। तीसरी गाड़ी भी गश्त करने के बजाए खड़ी थी। पुलिस कर्मी बगल में आराम फरमा रहे थे। यह हाल तो तब है जब एडीजी ने निरीक्षण के आदेश के बाद जोन के कप्तानों को हाईवे की चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
हाईवे पर इस तरह सोते मिले सिपाही
- फोटो : ओपी वाधवानी
गश्त करने के बजाय सोते मिले सिपाही
रात 11:57 बजे अमर उजाला टीम नौबस्ता हाईवे से सफर शुरू किया। 12:05 बजे टीम गुजैनी हाईवे पर पहुंची। यहां कानपुर पुलिस हाईवे मोबाइल नंबर-07 सड़क के किनारे खड़ी नजर आई। एक सिपाही गाड़ी के अंदर सो रहा था। दूसरा फुटपाथ पर अंगौछा बिछाकर लेटा था। दरोगा अनंत कुमार जूता उतारकर फुटपाथ पर पड़ी एक मेज पर बैठे थे। जैसे ही कैमरे का फ्लैश चमका। दरोगा तो मेज से उठकर खड़े हो गए लेकिन सिपाहियों की नींद नहीं टूटी। बता दें इस गाड़ी के पास अहिरवां पुलिस चौकी से सचेंडी हाईवे तक गश्त करने की ड्यूटी है।
रात 11:57 बजे अमर उजाला टीम नौबस्ता हाईवे से सफर शुरू किया। 12:05 बजे टीम गुजैनी हाईवे पर पहुंची। यहां कानपुर पुलिस हाईवे मोबाइल नंबर-07 सड़क के किनारे खड़ी नजर आई। एक सिपाही गाड़ी के अंदर सो रहा था। दूसरा फुटपाथ पर अंगौछा बिछाकर लेटा था। दरोगा अनंत कुमार जूता उतारकर फुटपाथ पर पड़ी एक मेज पर बैठे थे। जैसे ही कैमरे का फ्लैश चमका। दरोगा तो मेज से उठकर खड़े हो गए लेकिन सिपाहियों की नींद नहीं टूटी। बता दें इस गाड़ी के पास अहिरवां पुलिस चौकी से सचेंडी हाईवे तक गश्त करने की ड्यूटी है।
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राजमार्ग की वास्तविकता जांच
हाईवे पर अंधेरा, डिवाइडर में घुसा ट्रक
नौबस्ता से सचेंडी के बीच हाईवे पर अधिकांश जगह पर अंधेरा छाया था। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी थीं। दो-तीन जगह लाइटें जलती नजर आईं। रात 12:15 बजे के आसपास गुजैनी हाईवे पर अंधेरे की वजह से एक ट्रक वाला डिवाइडर से टकरा गया। इस पर चालक क्षतिग्रस्त ट्रक हाईवे पर ही छोड़कर फरार हो गया।
नौबस्ता से सचेंडी के बीच हाईवे पर अधिकांश जगह पर अंधेरा छाया था। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी थीं। दो-तीन जगह लाइटें जलती नजर आईं। रात 12:15 बजे के आसपास गुजैनी हाईवे पर अंधेरे की वजह से एक ट्रक वाला डिवाइडर से टकरा गया। इस पर चालक क्षतिग्रस्त ट्रक हाईवे पर ही छोड़कर फरार हो गया।
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राजमार्ग की वास्तविकता जांच
सो रहे थे सिपाही, टीम देखी तो चेकिंग का दिखावा
रात 12:40 बजे टीम हाईवे पर पनकी पड़ाव में थी। यहां मोबाइल नंबर-चार खड़ी नजर आई। इस मोबाइल को सचेंडी से विजय नगर के बीच गश्त करनी थी। हालांकि सिपाही रामवीर गाड़ी के अंदर सो रहा था। सिपाही मनोज यादव और होमगार्ड बृजेश फुटपाथ पर पड़ी चारपाई पर बैठे सुस्ता रहे थे। जैसे ही टीम पहुंची सभी सिपाही अलर्ट हो गए और सड़क पर खड़े होकर वाहन चेकिंग करने का दिखावा करने लगे। टीम जैसे ही आगे बढ़ी, पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठकर चले गए।
रात 12:40 बजे टीम हाईवे पर पनकी पड़ाव में थी। यहां मोबाइल नंबर-चार खड़ी नजर आई। इस मोबाइल को सचेंडी से विजय नगर के बीच गश्त करनी थी। हालांकि सिपाही रामवीर गाड़ी के अंदर सो रहा था। सिपाही मनोज यादव और होमगार्ड बृजेश फुटपाथ पर पड़ी चारपाई पर बैठे सुस्ता रहे थे। जैसे ही टीम पहुंची सभी सिपाही अलर्ट हो गए और सड़क पर खड़े होकर वाहन चेकिंग करने का दिखावा करने लगे। टीम जैसे ही आगे बढ़ी, पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठकर चले गए।