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मेस में कच्चा खाना, हंगामा, यूनिवर्सिटी में देर रात फिर से बनवाया गया खाना
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Wed, 16 Sep 2015 02:27 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के ब्वायज हॉस्टल मेस में कच्चा खाना मिलने से नाराज स्टूडेंटों ने मंगलवार की रात जमकर हंगामा किया। खाना छोड़कर चार घंटे तक धरना प्रदर्शन दिया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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इससे नाराज स्टूडेंटों ने मेस में तोड़फोड़ की और बर्तन पलट दिए। सूचना पर हॉस्टल वार्डेन मौके पर पहुंचे और स्टूडेंटों को समझाने की कोशिश की। देर रात तक हंगामा जारी रहा।
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ब्वायज हॉस्टल मेस में खराब खाना मिलने की शिकायत कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन से संवाद कार्यक्रम में की जा चुकी है। इसके बावजूद मेस संचालक नेे खाने की गुणवत्ता नहीं सुधारी। मंगलवार की शाम मेस संचालक ने आलू परवल की सब्जी, दाल और चावल कच्चा बनवाकर परोस दिया।
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नाराज स्टूडेंटों ने खाने का बहिष्कार कर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना था कि मेस की फीस 19,800 रुपये ली जा रही है पर खाने की गुणवत्ता नहीं सुधरी। मौके पर ब्वायज हॉस्टल के वार्डेन नहीं पहुंचे तो गुस्सा और बढ़ गया। हंगामा करते स्टूडेंट यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट तक जा पहुंचे और कहा कि सितंबर अंत से सेमेस्टर परीक्षाएं होनी हैं।
परीक्षा की तैयारी की जगह यहां खाने के लिए लड़ना पड़ रहा है। हास्टल वार्डेन डॉ. आरएन कटियार का कहना है कि सेकेेंड ईयर और थर्ड ईयर के स्टूडेंटों ने खाना खा लिया। महज फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट ही आंदोलन कर रहे हैं। इनके लिए देर रात फिर से खाना बनवाया जा रहा है।
एलएलबी स्टूडेंटों की नारेबाजी
शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति का ऑनलाइन आवेदन फार्म न भर पाने से नाराज एलएलबी के स्टूडेंटों ने मंगलवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में हंगामा किया।
एलएलबी के शैक्षिक सत्र 2012-15 के स्टूडेंटों को अगस्त 2012 में एडमिशन दिया गया लेकिन सेकेंड ईयर के एडमिशन नवंबर 2013 में हुए। थर्ड ईयर के एडमिशन जनवरी 2015 में किए गए हैं। इसलिए फीस और छात्रवृत्ति का ऑनलाइन आवेदन फार्म नहीं स्वीकार किया जा रहा है।
हरसहाय में हंगामा
मार्कशीट न देने और आब्जेक्टिव पेपर के पैटर्न से नाराज स्टूडेंटों ने मंगलवार को हरसहाय कॉलेज के बाहर हंगामा किया। साथ ही कुलपति का पुतला फूंककर नारेबाजी की।