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नेट से दूर वाले पास, पास वाले दूर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sat, 08 Apr 2017 08:49 PM IST
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कानपुर में पीएसआईटी में शनिवार से शुरू हुए दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार ‘सिम्पोजियम’ में ‘दि इंटरनेट ऑफ एव्रीथिंग’ विषय पर राज्यपाल राम नाईक ने इंटरनेट की अच्छाई और बुराई दोनों ही पक्षों पर विचार रखा। उन्होंने कहा कि इंटरनेट का मजबूत पक्ष यह है कि हम अमेरिका में बैठे सगे संबंधी से आमने-सामने बात कर सकते हैं। इसका दूसरा पक्ष यह है कि बहुत से लोग इंटरनेट में इतना लीन हो जाते हैं कि अपने आसपास खड़े लोगों को भी दूर कर देते हैं। और तो और घर बैठे अपने मां-बाप के लिए भी टाइम नहीं निकाल पाते।
राज्यपाल ने तकनीक और संसाधनों का सही दिशा में इस्तेमाल करने पर जोर दिया। कहा कि आतंकवादी भी पढ़े लिखे होते हैं। उन्हें तकनीक का बेहतरीन ज्ञान होता है, लेकिन वह इसका प्रयोग गलत कामों में करते हैं, इसलिए उन्हें बुरा कहा जाता है। सेमिनार पीएसआईटी और इंस्टीट्यूशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेली कम्यूनिकेशन इंजीनियर्स (आईईटीई) के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। इस दौरान आईईटीई के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एकेएस चंदेल ने देश के रक्षा मामलों में इंटरनेट की भूमिका पर जिक्र किया। आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के प्रो. संदीप शुक्ला ने कहा कि इंटरनेट यूज करने वालों को सुरक्षा (साइबर सिक्योरिटी) देने पर भी दुनिया भर में काम चल रहा है। मेजर जनरल पीके जगिया ने आभार व्यक्त किया। शुभारंभ समारोह में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और पीएसआईटी के चेयरमैन प्राणवीर सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। आईआईटी कानपुर के प्रो. एसएन सिंह, एचबीटीयू कुलपति प्रो. एमजेड खान, पीएसआईटी की प्रबंध निदेशक शेफाली राज, निदेशक प्रो. केटीवी रेड्डी सहित कई लोगों ने हिस्सा लिया।
डिजिटल इंडिया की तारीफ
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की खुलकर तारीफ की। कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे ही नहीं डिजिटल इंडिया-डिजिटल इंडिया का जाप करते हैं। उन्हें पता है कि देश का सही और तेजी से विकास डिजिटल इंडिया से ही हो सकता है और इसका नतीजा सामने भी है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि वे इंटरनेट के सेमिनार में आए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि वे कंप्यूटर के बारे में अशिक्षित हैं। इस पर लोग हंस पड़े।
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सफलता के दिए चार मंत्र
राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को सफलता के चार मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा मुस्कुराते रहिए। दूसरों की तारीफ करना सीखिए, किसी की अवमानना न करें और आप जो भी कर रहे हैं, उससे और अच्छा करने की कोशिश करें।
2022 तक आएगा 5-जी
सेमिनार में आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रो. एके चतुर्वेदी ने कहा कि इंटरनेट की दुनिया में काफी रिसर्च चल रहे हैं। भारत सहित दुनिया के तमाम देश अब 4जी के बाद 5-जी पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2022 तक 5-जी बाजार में आ जाएगा।
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राज्यपाल ने तकनीक और संसाधनों का सही दिशा में इस्तेमाल करने पर जोर दिया। कहा कि आतंकवादी भी पढ़े लिखे होते हैं। उन्हें तकनीक का बेहतरीन ज्ञान होता है, लेकिन वह इसका प्रयोग गलत कामों में करते हैं, इसलिए उन्हें बुरा कहा जाता है। सेमिनार पीएसआईटी और इंस्टीट्यूशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेली कम्यूनिकेशन इंजीनियर्स (आईईटीई) के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। इस दौरान आईईटीई के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एकेएस चंदेल ने देश के रक्षा मामलों में इंटरनेट की भूमिका पर जिक्र किया। आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस डिपार्टमेंट के प्रो. संदीप शुक्ला ने कहा कि इंटरनेट यूज करने वालों को सुरक्षा (साइबर सिक्योरिटी) देने पर भी दुनिया भर में काम चल रहा है। मेजर जनरल पीके जगिया ने आभार व्यक्त किया। शुभारंभ समारोह में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक और पीएसआईटी के चेयरमैन प्राणवीर सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। आईआईटी कानपुर के प्रो. एसएन सिंह, एचबीटीयू कुलपति प्रो. एमजेड खान, पीएसआईटी की प्रबंध निदेशक शेफाली राज, निदेशक प्रो. केटीवी रेड्डी सहित कई लोगों ने हिस्सा लिया।
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डिजिटल इंडिया की तारीफ
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की खुलकर तारीफ की। कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे ही नहीं डिजिटल इंडिया-डिजिटल इंडिया का जाप करते हैं। उन्हें पता है कि देश का सही और तेजी से विकास डिजिटल इंडिया से ही हो सकता है और इसका नतीजा सामने भी है। राज्यपाल ने यह भी कहा कि वे इंटरनेट के सेमिनार में आए हैं, लेकिन हकीकत यह है कि वे कंप्यूटर के बारे में अशिक्षित हैं। इस पर लोग हंस पड़े।
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सफलता के दिए चार मंत्र
राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं को सफलता के चार मंत्र दिए। उन्होंने कहा कि जीवन में हमेशा मुस्कुराते रहिए। दूसरों की तारीफ करना सीखिए, किसी की अवमानना न करें और आप जो भी कर रहे हैं, उससे और अच्छा करने की कोशिश करें।
2022 तक आएगा 5-जी
सेमिनार में आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रो. एके चतुर्वेदी ने कहा कि इंटरनेट की दुनिया में काफी रिसर्च चल रहे हैं। भारत सहित दुनिया के तमाम देश अब 4जी के बाद 5-जी पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2022 तक 5-जी बाजार में आ जाएगा।