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रामगोपाल बोले, 'शिवपाल मेरे भाई हैं लेकिन नासमझ है'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 01 Feb 2017 04:33 PM IST
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राम गोपाल यादव (फाइल फोटो)
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सपा के महासचिव रामगोपाल यादव ने बुधवार को इटावा के कचहरी में सपा प्रत्यासी कुलदीप गुप्ता के लिए वोट मांगे। यहां उन्होंने शिवपाल और मुलायम पर फिर से निशाना साधा। हालांकि रामगोपाल ने शिवपाल को उनके जन्मदिन की भी बधाई दी।
सपा के दो प्रत्याशियों के एक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे है इस सवाल पर रामगोपाल ने साफ कहा कि ऐसी सीटों पर हमारा केवल एक केंडिडेट है जो हम पहले ही घोषित कर चुके हैं। दूसरे तो 200-200 वोट बटोरने वाले हैं। वहीं कांग्रेस और सपा के गंठबंधन पर एक पत्रकार ने पूछा 'यूपी को ये साथ पसंद है लेकिन लगता है नेताजी को ये साथ पसंद नहीं... इस पर रामगोपाल ने कहा अब जब पार्टी के अध्यक्ष को ये साथ पसंद है तो यूपी को भी ये साथ पसंद होगा।
कुछ लोग ऐसे होते है जिन्हें यह अंदाज नहीं होता कि वे क्या कह रहे हैं। उन्हें ये नहीं जानकारी है कि नई पार्टी बनाने का मतलब है कि अगर आप चुन लिए गए जसवंतनगर से नई पार्टी बनाते ही दलबदल के अंतर्गत आते ही सदस्यता खत्म हो जाएगी। चुनाव से पहले इस तरह का नासमझी भरा बयान कौन समझदार व्यक्ति दे सकता है।
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आप जनता के पास वोट मांगने जाओगे तो जनता ये कहेगी कि आप तो कल को नई पार्टी बनाओगे तो हम आपको वोट क्यों दे। रामगोपाल ने मुलायम और शिवपाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन दोनों का जो रोल रहा है हमेशा से अखिलेश के विरोध का एक हिस्सा है। यहां उन्होंने शिवपाल हमारे छोटे भाई है जन्म दिन की बधाई दी । कहा नई पार्टी बनाना आसान नही है।
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सपा के दो प्रत्याशियों के एक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव लड़ रहे है इस सवाल पर रामगोपाल ने साफ कहा कि ऐसी सीटों पर हमारा केवल एक केंडिडेट है जो हम पहले ही घोषित कर चुके हैं। दूसरे तो 200-200 वोट बटोरने वाले हैं। वहीं कांग्रेस और सपा के गंठबंधन पर एक पत्रकार ने पूछा 'यूपी को ये साथ पसंद है लेकिन लगता है नेताजी को ये साथ पसंद नहीं... इस पर रामगोपाल ने कहा अब जब पार्टी के अध्यक्ष को ये साथ पसंद है तो यूपी को भी ये साथ पसंद होगा।
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कुछ लोग ऐसे होते है जिन्हें यह अंदाज नहीं होता कि वे क्या कह रहे हैं। उन्हें ये नहीं जानकारी है कि नई पार्टी बनाने का मतलब है कि अगर आप चुन लिए गए जसवंतनगर से नई पार्टी बनाते ही दलबदल के अंतर्गत आते ही सदस्यता खत्म हो जाएगी। चुनाव से पहले इस तरह का नासमझी भरा बयान कौन समझदार व्यक्ति दे सकता है।
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आप जनता के पास वोट मांगने जाओगे तो जनता ये कहेगी कि आप तो कल को नई पार्टी बनाओगे तो हम आपको वोट क्यों दे। रामगोपाल ने मुलायम और शिवपाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि इन दोनों का जो रोल रहा है हमेशा से अखिलेश के विरोध का एक हिस्सा है। यहां उन्होंने शिवपाल हमारे छोटे भाई है जन्म दिन की बधाई दी । कहा नई पार्टी बनाना आसान नही है।