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रेलवे की बड़ी लापरवाही फिर आई सामने, महाबोधि एक्सप्रेस पलटते बची
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 06 Apr 2017 01:48 AM IST
सार
-ब्लॉक होने के बावजूद दे दिया सिग्नल, बिजली सप्लाई काट कर रोकी गई ट्रेन
-रेलवे ने स्टेशन मास्टर को बर्खास्त करने की संस्तुति की
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विस्तार
दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर बुधवार शाम बड़ा हादसा होने से टल गया। मरम्मत के लिए ब्लॉक लगा होने के बावजूद दिल्ली से कानपुर की ओर जा रही महाबोधि एक्सप्रेस को झींझक से थ्रू सिग्नल दे दिया गया। इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल को मिली तो आनन-फानन में ओएचई से बिजली सप्लाई काटी गई। इससे ट्रेन ब्लॉक स्थल पर पहुंचने से पहले ही रुक गई। रेलवे ने इसे बड़ी चूक मानते हुए स्टेशन मास्टर को सर्विस से बर्खास्त करने का आदेश कर दिया।
झींझक स्टेशन पर डयूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर रवि वर्मा ने बुधवार शाम करीब चार बजे झींझक स्टेशन से अंबियापुर स्टेशन के निकट सवा पांच बजे तक के लिए ब्लॉक दे दिया। उन्होंने टीसीआर बुक में ब्लॉक के बारे में लिख दिया लेकिन दूसरी बुक में ब्लॉक की पोजीशिन निल दिखा दी। करीब आधे घंटे बाद स्टेशन मास्टर रवि की डयूटी बदल गई। यहां पर स्टेशन मास्टर राधेराम मीना ने चार्ज संभाला। इसी बीच 12398 महाबोधि एक्सप्रेस के आने की सूचना आई तो उन्होंने ट्रेन को थ्रू सिगनल दे दिया।
महाबोधि पूरी रफ्तार से स्टेशन से पास हुई तो इसकी सूचना कंट्रोल को दी गई। हड़कंप मच गया। तत्काल पांच मिनट के भीतर बिजली काटकर ट्रेन को रोका गया। अगर ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार में ब्लॉक स्थल से गुजरती तो पलट जाती क्योंकि वहां पटरी हटाकर मरम्मत कार्य हो रहा था। मरम्मत में लगी टीम की जनहानि भी हो सकती थी।
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वरिष्ठ खंड परिचालन प्रबंधक अंशू पांडेय ने इसे बेहद लापरवाहीपूर्ण मानते हुए रेलवे सर्विस अधिनियम की धारा 14-2 के तहत स्टेशन मास्टर राधेराम मीना को सर्विस से बर्खास्त करने की सिफारिश रेलवे बोर्ड से कर दी है। इस संबंध में रेलवे एनसीआर के पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि झींझक के पास बड़ी घटना होते बची है। इस मामले में सख्त कार्रवाई हो रही है। स्टेशन मास्टर की बर्खास्तगी की संस्तुति की गई है।
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झींझक स्टेशन पर डयूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर रवि वर्मा ने बुधवार शाम करीब चार बजे झींझक स्टेशन से अंबियापुर स्टेशन के निकट सवा पांच बजे तक के लिए ब्लॉक दे दिया। उन्होंने टीसीआर बुक में ब्लॉक के बारे में लिख दिया लेकिन दूसरी बुक में ब्लॉक की पोजीशिन निल दिखा दी। करीब आधे घंटे बाद स्टेशन मास्टर रवि की डयूटी बदल गई। यहां पर स्टेशन मास्टर राधेराम मीना ने चार्ज संभाला। इसी बीच 12398 महाबोधि एक्सप्रेस के आने की सूचना आई तो उन्होंने ट्रेन को थ्रू सिगनल दे दिया।
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महाबोधि पूरी रफ्तार से स्टेशन से पास हुई तो इसकी सूचना कंट्रोल को दी गई। हड़कंप मच गया। तत्काल पांच मिनट के भीतर बिजली काटकर ट्रेन को रोका गया। अगर ट्रेन अपनी पूरी रफ्तार में ब्लॉक स्थल से गुजरती तो पलट जाती क्योंकि वहां पटरी हटाकर मरम्मत कार्य हो रहा था। मरम्मत में लगी टीम की जनहानि भी हो सकती थी।
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वरिष्ठ खंड परिचालन प्रबंधक अंशू पांडेय ने इसे बेहद लापरवाहीपूर्ण मानते हुए रेलवे सर्विस अधिनियम की धारा 14-2 के तहत स्टेशन मास्टर राधेराम मीना को सर्विस से बर्खास्त करने की सिफारिश रेलवे बोर्ड से कर दी है। इस संबंध में रेलवे एनसीआर के पीआरओ अमित मालवीय ने बताया कि झींझक के पास बड़ी घटना होते बची है। इस मामले में सख्त कार्रवाई हो रही है। स्टेशन मास्टर की बर्खास्तगी की संस्तुति की गई है।