फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Rahul Gandhi managed Frequently Asked Questions by public

मैनेज होते हैं राहुल गांधी से पूछे जाने वाले सवाल, एक सप्ताह पहले लिखी जाती है स्क्रिप्ट

Fri, 23 Sep 2016 10:00 PM IST
पंकज प्रसून, कानपुर
पंकज प्रसून, कानपुर Updated Fri, 23 Sep 2016 10:00 PM IST
विज्ञापन
Rahul Gandhi managed Frequently Asked Questions by public
राहुल गांधी की खाट सभा

विज्ञापन
कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की खाट सभा किसी फिल्म की शूटिंग जैसी होती है। इसका आयोजन करने के लिए पार्टी के राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) की टीम इवेंट मैनेजमेंट की तरह काम करती है। वैसे तो सभा किसानों के लिए होती है, लेकिन सब कुछ पहले से निर्धारित होता है। सभा में आने वालों को लेवल वन, टू और थ्री की श्रेणी में बांटा जाता है। राहुल गांधी से सवाल-जवाब करने वाले लेवल वन और टू वाले होते हैं। थ्री लेवल के लोग दर्शक दीर्घा में रहते हैं। लेवल वन और लेवल टू वालों को बैठने के लिए मोढ़ा (लकड़ी और कुशन का बना छोटा स्टूल) दिया जाता है और लेवल थ्री वालों को खाट। मजे की बात यह है कि पूरी कार्यवाही पारदर्शी होती है। कुछ भी छिपाया नहीं जाता है।
राहुल की खाट सभा जहां भी होती हैं, पीके की टीम वहां पर एक सप्ताह पहले ही पहुंच जाती है। फिर शुरू होती है उन लोगों की खोज जो राहुल के सामने बिना अपना दिमाग लगाए वही सवाल करें, जो पीके टीम उन्हें सिखाए। कौन सवाल कैसे पूछना, कितनी देर तक बोलना है और कितना बोलना है, यह सब पहले से तय रहता है। पीके टीम के मेंबर लेवल वन और लेवल टू वाले इन किसानों को सभा शुरू होने से करीब एक घंटे पहले ही मंच पर बुला लेते हैं। फिर हर 15 मिनट बाद उसी सवाल को पूछने का रिर्हसल भी कराया जाता है। लेवल थ्री का कार्ड ज्यादातर बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों को दिया जाता है। पीके की टीम में पांच से छह सदस्य होते हैं। मंच का आकार, पास बनाने का काम, किसानों के चयन का काम यही करते हैं। सभा में कोई भी प्यासा न रहे इसका विशेष ध्यान रखा जाता है। इसलिए टीम के सदस्य समय-समय पर पानी के पाउच बांटते रहते हैं। किस लेवल का किसान कहां बैठेगा और कौन किसके बाद सवाल करेगा, यह भी मंच से ही पुकारा जाता है।
विज्ञापन

ताकि किसानों के मन की बात सामने आ सके
इस तरह के आयोजन के संबंध में पीके की टीम का कहना है कि अभी तक किसान नेताओं की जनसभाओं में सिर्फ सुनते थे और चले जाते थे। किसानों की बात बाहर आए, इसलिए पहले से उनके मन की बात पूछकर उसे सवाल के रूप में उन्हेें लिखकर दिया जाता है। जिससे वे अपने नेता से अपनी बात कर सकें। 
विज्ञापन
विज्ञापन

एक ही ड्रेस में रहती है पीके टीम
खाट सभा के आयोजन में लगी पीके की टीम के सदस्य काली टी शर्ट और जींस में रहते हैं। इन सभी की उम्र भी 25 से 30 के बीच है। सब इस तरह से काम करते हैं, जैसे पार्टी के ही कार्यकर्ता हाें। यदि कोई विपक्षी पार्टी का कार्यकर्ता उनसे बहस भी करता है तो वे कांग्रेसी के रूप में जवाब भी देते हैं। इसी तरह खाट सभा का मंच हर जगह एक जैसा होता है। एक ट्रक पहले से तैयार रहता है, जैसे ही सभा खत्म हुई, मंच उखाड़कर दूसरी जगह ले जाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed