{"_id":"57dc30ca4f1c1b0c32d478b4","slug":"rahul-gandhi-arrived-at-rate-of-cleric-saint","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"संत के बाद मौलवी के दर पर पहुंचे राहुल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संत के बाद मौलवी के दर पर पहुंचे राहुल
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:42 PM IST
विज्ञापन
बांधा में मौलाना गाजी रब्बानी से आसीसना (आशीर्वीद) लेते राहुल गांधी
- फोटो : अमर उजाला, बांदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी चित्रकूट में संतो का आशीर्वाद पाने के बाद बांधा के प्रसिद्ध मौलवी गाजी रब्बानी के गरीबखाने पहुंचे। राहुल ने सुन्नी मुसलमानों के खास धर्मगुरु मौलाना गाजी रब्बानी से उनके आवास पर मुलाकात की।
राहुल ने अपने सिर पर मौलाना का हाथ रखवाया। उन्होंने मौलाना से कहा हमें असीसना (आशीर्वाद) दें और दुआ करें कि हमारी पार्टी को सफलता हासिल हो। राहुल ने यह भी कहा कि आपसे मिलकर बेहद अच्छा लगा। आपसे मिलने आता रहूंगा।
हालाकि राहुल गांधी का मौलाना से मिलने का कार्यक्रम सूची में शामिल नहीं था। गुपचुप ढंग से अचानक राहुल ने मौलाना से मिलने का मन बनाया। इससे पहले राहुल ने चित्रकूट में कांतानाथ मंदिर पहुंचकर महंत राम स्वरूपाचार्य का आशीर्वाद लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
राहुल ने अपने सिर पर मौलाना का हाथ रखवाया। उन्होंने मौलाना से कहा हमें असीसना (आशीर्वाद) दें और दुआ करें कि हमारी पार्टी को सफलता हासिल हो। राहुल ने यह भी कहा कि आपसे मिलकर बेहद अच्छा लगा। आपसे मिलने आता रहूंगा।
विज्ञापन
हालाकि राहुल गांधी का मौलाना से मिलने का कार्यक्रम सूची में शामिल नहीं था। गुपचुप ढंग से अचानक राहुल ने मौलाना से मिलने का मन बनाया। इससे पहले राहुल ने चित्रकूट में कांतानाथ मंदिर पहुंचकर महंत राम स्वरूपाचार्य का आशीर्वाद लिया था।
विज्ञापन
स्वतंत्रता सेनानी के घर का अन्न खाकर राहुल हुए धन्य
स्वतंत्रता सेनानी के परिवार के लोगों के साथ भोजन करते राहुल गांधी
- फोटो : अमर उजाला, बांदा
इसके अलावा राहुल ने बदौसा में स्वतंत्रता सेनानी स्व.विश्वेश्वर वाजपेयी के घर पर रुककर उनके परिजनों के साथ भोजन किया। राहुल की थाली में सादा खाना परोसा गया जिसे उन्होंने बड़े चाव से खाया। उन्हें अलग से किसी प्रकार का स्पेशल व्यंजन नहीं परोसा गया। जो परिवार के लोगों ने खाया वहीं उन्होंने खाया।