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पूर्वा एक्सप्रेस डिरेलमेंट: जिसमें रेलकर्मी की गलती नहीं, उसकी जांच पूरी
Tue, 23 Apr 2019 04:38 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 23 Apr 2019 04:38 PM IST
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कानपुर ट्रेन हादसा फाइल फोटो
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कानपुर में पूर्वा एक्सप्रेस डिरेलमेंट हादसे की जांच भी 23 अप्रैल को रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) एके जैन करेंगे। हर बड़े रेल हादसे की जांच सीआरएस करते हैं। कानपुर और उसके आसपास के पिछले चार रेल हादसों में सीआरएस ने जो भी जांच की, उसमें अब तक एक मामले की रिपोर्ट ही जनता के सामने आ सकी।
2017 में औरैया में कैफियात एक्सप्रेस के डिरेलमेंट के पीछे सीआरएस ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में ट्रैक को पार कर रहे डंपर चालक की गलती को हादसे की वजह बताया। जबकि मलवां में कालका मेल डिरेलमेंट में मरे 68 यात्रियों और पुखरायां के इंदौर पटना एक्सप्रेस के हादसे में 152 यात्रियों की मौत की वजह अब तक न सामने आ सकी।
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2017 में औरैया में कैफियात एक्सप्रेस के डिरेलमेंट के पीछे सीआरएस ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में ट्रैक को पार कर रहे डंपर चालक की गलती को हादसे की वजह बताया। जबकि मलवां में कालका मेल डिरेलमेंट में मरे 68 यात्रियों और पुखरायां के इंदौर पटना एक्सप्रेस के हादसे में 152 यात्रियों की मौत की वजह अब तक न सामने आ सकी।
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23 अगस्त 2017 की देर रात 2:40 बजे औरैया के अछल्दा-पाता स्टेशन के बीच कैफियात एक्सप्रेस ट्रैक पर पलटे डंपर से टकराकर डिरेल हो गई थी। इससे 49 यात्री घायल हुए थे। कैफियात एक्सप्रेस डिरेलमेंट की जांच सीआरएस एसके पांडेय ने की थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि डंपर चालक ने अवैध तरीके से ट्रैक पार किया था और डंपर के पलटने पर उसे ट्रैक पर छोड़कर भाग गया था।
पुखरायां में 20 नवंबर 2016 को इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलवे ने झांसी के डीआरएम को हटाया और पांच बड़े इंजीनियरों को निलंबित किया। इसकी जांच सीआरएस पीके आचार्य ने की लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे। 28 दिसंबर 2016 को रूरा रेलवे स्टेशन के पास सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस डिरेल हुई।
पुखरायां में 20 नवंबर 2016 को इंदौर-पटना एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलवे ने झांसी के डीआरएम को हटाया और पांच बड़े इंजीनियरों को निलंबित किया। इसकी जांच सीआरएस पीके आचार्य ने की लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे। 28 दिसंबर 2016 को रूरा रेलवे स्टेशन के पास सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस डिरेल हुई।
इसमें 68 यात्री घायल हुए थे। इसकी सीआरएस जांच से भी अब तक किसी की गलती सामने नहीं आई। दोनों मामलों में जीआरपी ने अज्ञात रेलवे कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने की रिपोर्ट दर्ज की है। सीआरएस जांच पूरी न होने और आरोपी कर्मचारियों के नाम अब तक सामने न आने से उनकी नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है।
2011 में फतेहपुर में कालका मेल डिरेलमेंट में 68 यात्रियों की मौत का जिम्मेदार भी अब तक नहीं पता चल सका है। इस मामले की सीआरएस जांच भी अब तक जनता के सामने नहीं आ सकी।
2011 में फतेहपुर में कालका मेल डिरेलमेंट में 68 यात्रियों की मौत का जिम्मेदार भी अब तक नहीं पता चल सका है। इस मामले की सीआरएस जांच भी अब तक जनता के सामने नहीं आ सकी।