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Kanpur News: रूरा-झींझक मार्ग के चौड़ीकरण में संरक्षित वन भूमि की अड़चन, इंतजार बढ़ा
Fri, 16 Oct 2026 02:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 16 Oct 2026 02:29 AM IST
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कानपुर देहात। रूरा-झींझक अन्य जिला मार्ग की सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव निदेशालय में लंबित है। इधर सड़क चौड़ीकरण में संरक्षित वन भूमि की अड़चन है। इसके लिए भारत सरकार से पूर्व अनुमति की जरूरत है। जबकि चौड़ीकरण में सड़क उपयोग में ली गई जमीन के बदले दूसरी जगह वन विभाग को उतनी ही भूमि देने की शर्त है। इसके चलते फिलहाल सड़क चौड़ीकरण का इंतजार बढ़ा है।
रूरा से झींझक तक 18 किमी लंबी सड़क है। यह सड़क रूरा होकर वाया अकबरपुर माती मुख्यालय को जोड़ती है। नहर पटरी किनारे एक लेन संकरी सड़क है। इससे आए दिन हादसे होते हैं। ओवरटेक करने में वाहन सवारों को खासी परेशानी होती है। वहीं दूसरी ओर से माल वाहक वाहन आने पर एक तरफ के वाहन को रोकना पड़ता है। कई बार अनियंत्रित होकर बसें नहर में गिरने की घटना हो चुकी है। यह सड़क दो लेन करने की मांग अर्से से हो रही है।
इधर, 21 नवंबर 2025 को झींझक से सिठमरा तक 11 किमी पदयात्रा भी निकाली जा चुकी है। रसूलाबाद विधायक पूनम संखवार की ओर से भी सड़क चौड़ीकरण का प्रयास किया गया है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने दो लेन चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है। करीब 40 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। प्रस्ताव लखनऊ निदेशालय में लंबित है। यहां से पहले अनंतिम स्वीकृत मिलेगी। वन भूमि की अड़चन दूर होने पर अंतिम स्वीकृति के बाद सड़क चौड़ीकरण कराया जा सकेगा।
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दरअसल नहर किनारे सड़क है। इसके बाद स्थित करीब छह मीटर चौड़ाई में 18 किमी लंबी जमीन की जरूरत होगी। इस आधार पर करीब 10.8 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि के गैर वानिकी प्रयोग के लिए भारत सरकार से पूर्व अनुमति लेना जरूरी है। वहीं इतनी ही जमीन दूसरी जगह वन विभाग को उपलब्ध कराने की शर्त है। इस प्रक्रिया में समय लगेगा। इसकी वजह से सड़क चौड़ीकरण का इंतजार बढ़ गया है।
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बयान...
रूरा-झींझक मार्ग की सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव बनाकर लखनऊ निदेशालय भेजा गया है। प्रस्ताव मंजूरी के उपरांत संरक्षित वन भूमि के गैर वानिकी प्रयोग की मंजूरी भारत सरकार ने लेने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया की जाएगी। भारत सरकार की मंजूरी मिलने पर प्रस्ताव अंतिम तौर पर मंजूर होगा। इसके बाद ही चौड़ीकरण कराया जाएगा। फिलहाल प्रस्ताव निदेशालय में लंबित है। - सुनील सिंह, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
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सड़क चौड़ीकरण के लिए काटने होंगे 156 हरे पेड़
कानपुर देहात। रूरा से झींझक तक सड़क की एक तरफ की पटरी पर पुराने पेड़ लगे हैं। सड़क चौड़ीकरण में सड़क से लगी छह मीटर चौड़ी पटरी की जरूरत है। ऐसे में इस हिस्से में लगे 156 हरे पेड़ों को काटना पड़ेगा। डीएफओ प्रोमिला ने बताया कि भारत सरकार की पूर्व अनुमति मिलने पर वन विभाग को 156 पेड़ों की कटान के लिए 1241325 का भुगतान लोक निर्माण विभाग करेगा। फिलहाल भारत सरकार की पूर्व अनुमति और जरूरी 10.8 हेक्टेयर भूमि दूसरी जगह उपलब्ध कराने के लिए जरूरी पत्राचार किया गया है। राजस्व विभाग की ओर से जमीन आवंटन किया जाना है। (संवाद)
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रूरा से झींझक तक 18 किमी लंबी सड़क है। यह सड़क रूरा होकर वाया अकबरपुर माती मुख्यालय को जोड़ती है। नहर पटरी किनारे एक लेन संकरी सड़क है। इससे आए दिन हादसे होते हैं। ओवरटेक करने में वाहन सवारों को खासी परेशानी होती है। वहीं दूसरी ओर से माल वाहक वाहन आने पर एक तरफ के वाहन को रोकना पड़ता है। कई बार अनियंत्रित होकर बसें नहर में गिरने की घटना हो चुकी है। यह सड़क दो लेन करने की मांग अर्से से हो रही है।
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इधर, 21 नवंबर 2025 को झींझक से सिठमरा तक 11 किमी पदयात्रा भी निकाली जा चुकी है। रसूलाबाद विधायक पूनम संखवार की ओर से भी सड़क चौड़ीकरण का प्रयास किया गया है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने दो लेन चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है। करीब 40 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। प्रस्ताव लखनऊ निदेशालय में लंबित है। यहां से पहले अनंतिम स्वीकृत मिलेगी। वन भूमि की अड़चन दूर होने पर अंतिम स्वीकृति के बाद सड़क चौड़ीकरण कराया जा सकेगा।
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दरअसल नहर किनारे सड़क है। इसके बाद स्थित करीब छह मीटर चौड़ाई में 18 किमी लंबी जमीन की जरूरत होगी। इस आधार पर करीब 10.8 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि के गैर वानिकी प्रयोग के लिए भारत सरकार से पूर्व अनुमति लेना जरूरी है। वहीं इतनी ही जमीन दूसरी जगह वन विभाग को उपलब्ध कराने की शर्त है। इस प्रक्रिया में समय लगेगा। इसकी वजह से सड़क चौड़ीकरण का इंतजार बढ़ गया है।
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बयान...
रूरा-झींझक मार्ग की सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव बनाकर लखनऊ निदेशालय भेजा गया है। प्रस्ताव मंजूरी के उपरांत संरक्षित वन भूमि के गैर वानिकी प्रयोग की मंजूरी भारत सरकार ने लेने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया की जाएगी। भारत सरकार की मंजूरी मिलने पर प्रस्ताव अंतिम तौर पर मंजूर होगा। इसके बाद ही चौड़ीकरण कराया जाएगा। फिलहाल प्रस्ताव निदेशालय में लंबित है। - सुनील सिंह, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
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सड़क चौड़ीकरण के लिए काटने होंगे 156 हरे पेड़
कानपुर देहात। रूरा से झींझक तक सड़क की एक तरफ की पटरी पर पुराने पेड़ लगे हैं। सड़क चौड़ीकरण में सड़क से लगी छह मीटर चौड़ी पटरी की जरूरत है। ऐसे में इस हिस्से में लगे 156 हरे पेड़ों को काटना पड़ेगा। डीएफओ प्रोमिला ने बताया कि भारत सरकार की पूर्व अनुमति मिलने पर वन विभाग को 156 पेड़ों की कटान के लिए 1241325 का भुगतान लोक निर्माण विभाग करेगा। फिलहाल भारत सरकार की पूर्व अनुमति और जरूरी 10.8 हेक्टेयर भूमि दूसरी जगह उपलब्ध कराने के लिए जरूरी पत्राचार किया गया है। राजस्व विभाग की ओर से जमीन आवंटन किया जाना है। (संवाद)