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रंग से आंखें बचाएं, होली खेलने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान
Tue, 19 Mar 2019 03:58 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 19 Mar 2019 03:58 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
होली खूब खेलें लेकिन आंखों को बचाकर। जो लोग लैंस लगाते हैं, वे लैंस निकालने के बाद होली खेलें। अबीर-गुलाल अगर आंख में चला गया और लैंस लगाए हुए हैं तो रंगों के कण आंखों को अधिक नुकसान कर सकते हैं।
पानी से कई बार धोने के बाद अगर आंख में तकलीफ है तो फौरन अस्पताल जाकर नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। कानपुर में बीते साल 10 रोगी धुंधला दिखने के बाद हैलट के नेत्र रोग विभाग आए थे जिनकी कार्निया का अभी भी इलाज चल रहा है।
हैलट में इलाज करा रहे नवाबगंज के राजेश कुमार और बिधनू के प्रेमचंद ने बताया कि होली के एक सप्ताह बाद वह अस्पताल दिखाने आए। उस वक्त आंख में बहुत तकलीफ हो गई थी। इसके साथ ही पानी बहुत आने लगा और धुंधला दिखता था। अब आंखों में सुधार है।
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पानी से कई बार धोने के बाद अगर आंख में तकलीफ है तो फौरन अस्पताल जाकर नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। कानपुर में बीते साल 10 रोगी धुंधला दिखने के बाद हैलट के नेत्र रोग विभाग आए थे जिनकी कार्निया का अभी भी इलाज चल रहा है।
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हैलट में इलाज करा रहे नवाबगंज के राजेश कुमार और बिधनू के प्रेमचंद ने बताया कि होली के एक सप्ताह बाद वह अस्पताल दिखाने आए। उस वक्त आंख में बहुत तकलीफ हो गई थी। इसके साथ ही पानी बहुत आने लगा और धुंधला दिखता था। अब आंखों में सुधार है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण के कारण आंख की एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। ओपीडी में 40 फीसदी रोगी आंख की एलर्जी के आते हैं। अगर इसमें रसायन वाला रंग चला गया तो एलर्जी की और दिक्कत बढ़ जाएगी।
गुलाल और अबीर के कण आंख में जाने से खराश पड़ जाती है। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन कुशवाहा का कहना है कि जब लोग आंखें मल लेते हैं तो कार्निया के ऊपर की हल्की परत छिल जाती है। इससे आंख में घाव हो सकता है। इसमें संक्रमण फैलने से और तकलीफ बढ़ जाएगी।
गुलाल और अबीर के कण आंख में जाने से खराश पड़ जाती है। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन कुशवाहा का कहना है कि जब लोग आंखें मल लेते हैं तो कार्निया के ऊपर की हल्की परत छिल जाती है। इससे आंख में घाव हो सकता है। इसमें संक्रमण फैलने से और तकलीफ बढ़ जाएगी।
यह रखें ध्यान
- होली आंखों को बचाकर खेलें
- एक-दूसरे पर रंग, अबीर, गुलाल डालते वक्त चश्मा लगाए रखें
- रंग चला जाए तो साफ पानी से कई बार आंखों को साफ करें
- आंखें मलें और रगड़ें मत, लाली बने रहने पर फौरन डाक्टर को दिखाएं
- देर से नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास जाने से संक्रमण अधिक बढ़ सकता है
- होली आंखों को बचाकर खेलें
- एक-दूसरे पर रंग, अबीर, गुलाल डालते वक्त चश्मा लगाए रखें
- रंग चला जाए तो साफ पानी से कई बार आंखों को साफ करें
- आंखें मलें और रगड़ें मत, लाली बने रहने पर फौरन डाक्टर को दिखाएं
- देर से नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास जाने से संक्रमण अधिक बढ़ सकता है
ब्लड शुगर, बीपी के रोगी खानपान में रखें ध्यान
डाक्टरों का कहना है कि होली के मद्देनजर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के रोगी खानपान का ध्यान रखें। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि का कहना है कि डायबिटीज और ब्लडप्रेशर के रोगी घी, तेल से बनी चीजों का अधिक सेवन न करें। गुझिया, मिठाई खाने में एहतियात बरतें। अगर बीपी और शुगर लेवल बढ़ता है तो अपने चिकित्सक से संपर्क दवा की डोज एडजस्ट कर लें। तापमान के उतार-चढ़ाव के मौसम में डायबिटीज और ब्लडप्रेशर अनियंत्रित होने लगता है।
डाक्टरों का कहना है कि होली के मद्देनजर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के रोगी खानपान का ध्यान रखें। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि का कहना है कि डायबिटीज और ब्लडप्रेशर के रोगी घी, तेल से बनी चीजों का अधिक सेवन न करें। गुझिया, मिठाई खाने में एहतियात बरतें। अगर बीपी और शुगर लेवल बढ़ता है तो अपने चिकित्सक से संपर्क दवा की डोज एडजस्ट कर लें। तापमान के उतार-चढ़ाव के मौसम में डायबिटीज और ब्लडप्रेशर अनियंत्रित होने लगता है।