पुलिस सिपाही की 35 करोड़ से अधिक की संपत्ति, शहर में हैं 12 से ज्यादा प्लाट, फ्लैट और मकान
कानपुर के चकेरी निवासी लखनऊ एसटीएफ में तैनात सिपाही शिवेंद्र सिंह पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। आयकर विभाग ने आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में दोतरफा जांच शुरू की है।
एक जांच बेनामी संपत्ति अनुभाग कर रहा है जबकि दूसरी निदेशालय के खंड-3 को सौंपी गई है। बेनामी विंग की पूछताछ में आरोपी सिपाही 35 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति की खरीद का स्रेात नहीं बता सका।
आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि सिपाही पर आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने साक्ष्य के साथ विभिन्न संस्थानों को पत्र भेजे हैं। आरोप लगाया गया कि एसटीएफ में तैनाती के दौरान सिपाही ने अवैध तरीके से दौलत कमाई।
सिपाही के परिवार में उसके अलावा नौकरी करने वाला दूसरा कोई शख्स नहीं है। आय का भी कोई अन्य स्रोत नहीं है। इसके बावजूद शहर और इसके आसपास 12 से अधिक प्लाट, फ्लैट और मकान हैं। इन संपत्तियों का कुल क्षेत्रफल 12,000 वर्ग मीटर से अधिक है। इसके अलावा लखनऊ, उन्नाव, नोएडा और दिल्ली में भी संपत्तियां होने की सूचना मिली है।
आयकर विभाग का बेनामी विंग इन्हें कर सकता है अटैच
पड़ताल के लिए रजिस्ट्री कार्यालय से ब्यौरा मांगा गया है। सिपाही से भी पूछताछ की जा चुकी है, लेकिन वह आय के स्रोत नहीं बता सका। उसका कहना है कि सभी संपत्तियां उनके पारिवारिक सदस्यों की हैं। इससे उसका कुछ भी लेना देना नहीं।
आयकर विभाग इसी तथ्य की पड़ताल कर रहा है। यदि इन संपत्तियों में सिपाही का धन लगा होना साबित हुआ तो आयकर विभाग का बेनामी विंग इन्हें अटैच कर सकता है। अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि सिपाही की संपत्ति उसकी आय से अधिक है। कितनी अधिक है यह जांच के बाद ही तय होगा।