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जयप्रकाश हत्याकांड: प्रॉपर्टी डीलर ने कराई थी बैंक अफसर की हत्या, दो शूटर गिरफ्तार
Fri, 21 Jan 2022 12:25 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 21 Jan 2022 12:25 PM IST
सार
कानपुर के चकेरी निवासी सहायक प्रबंधक जय प्रकाश पाल की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। मामले में दो शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। प्रॉपर्टी डीलर नगीना सिंह ने जमीन दिलाने के नाम पर 22 लाख रुपये ले रखे थे। साजिशकर्ता नगीना अब भी फरार है।
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jai prakash murder
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रायबरेली में 11 जनवरी को की गई बैंक ऑफ बड़ौदा के सहायक प्रबंधक कानपुर के चकेरी निवासी जय प्रकाश पाल की हत्या का खुलासा गुरुवार को पुलिस ने दो शूटरों को गिरफ्तार कर किया। प्रॉपर्टी डीलर नगीना सिंह ने लखनऊ में जमीन दिलाने के नाम पर जय प्रकाश से 22 लाख रुपये ले रखे थे।
जमीन न मिलने पर जय प्रकाश ने जब रकम वापस मांगी तो नगीना ने दो शूटरों को सुपारी देकर उनकी हत्या करवा दी। जिससे न जमीन देनी पड़े और न ही रकम। साजिशकर्ता नगीना अब भी फरार है। पुलिस ने उसपर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
चकेरी दहेली सुजानपुर निवासी जय प्रकाश पाल का शव 12 जनवरी की सुबह मिल रायबरेली के एरिया इलाके में पड़ा मिला था। पास ही उनका किराये का कमरा था। जय को पांच गोलियां मारी गईं थीं। रायबरेली एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सम्राट नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर नगीना सिंह जय प्रकाश का परिचित था।
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जय प्रकाश ने उससे लखनऊ में 60 लाख रुपये की प्रॉपर्टी खरीदने की डील की थी। जय प्रकाश ने आठ लाख रुपये लोन लेकर व 14 लाख रुपये परिचितों व रिश्तेदारों से लेकर कुल 22 लाख रुपये नगीना सिंह को दिए थे। काफी समय बीतने के बाद भी नगीना सिंह जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवा रहा था।
इसलिए जय प्रकाश उससे पैसे वापस मांग रहे थे। इस कारण दोनों में गहमागहमी भी हुई थी। तब नगीना सिंह ने हत्या की साजिश रची। आईटीआई कॉलोनी निवासी आकाश सिंह उर्फ सनी सिंह और सलोन कोतवाली क्षेत्र के दरसवां गांव निवासी दयाराम पासी को हत्या की सुपारी दी। दोनों ने मिलकर जय प्रकाश को मार दिया। आकाश व दयाराम को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। नगीना सिंह की तलाश जारी है।
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जमीन न मिलने पर जय प्रकाश ने जब रकम वापस मांगी तो नगीना ने दो शूटरों को सुपारी देकर उनकी हत्या करवा दी। जिससे न जमीन देनी पड़े और न ही रकम। साजिशकर्ता नगीना अब भी फरार है। पुलिस ने उसपर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
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चकेरी दहेली सुजानपुर निवासी जय प्रकाश पाल का शव 12 जनवरी की सुबह मिल रायबरेली के एरिया इलाके में पड़ा मिला था। पास ही उनका किराये का कमरा था। जय को पांच गोलियां मारी गईं थीं। रायबरेली एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि सम्राट नगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर नगीना सिंह जय प्रकाश का परिचित था।
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जय प्रकाश ने उससे लखनऊ में 60 लाख रुपये की प्रॉपर्टी खरीदने की डील की थी। जय प्रकाश ने आठ लाख रुपये लोन लेकर व 14 लाख रुपये परिचितों व रिश्तेदारों से लेकर कुल 22 लाख रुपये नगीना सिंह को दिए थे। काफी समय बीतने के बाद भी नगीना सिंह जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवा रहा था।
इसलिए जय प्रकाश उससे पैसे वापस मांग रहे थे। इस कारण दोनों में गहमागहमी भी हुई थी। तब नगीना सिंह ने हत्या की साजिश रची। आईटीआई कॉलोनी निवासी आकाश सिंह उर्फ सनी सिंह और सलोन कोतवाली क्षेत्र के दरसवां गांव निवासी दयाराम पासी को हत्या की सुपारी दी। दोनों ने मिलकर जय प्रकाश को मार दिया। आकाश व दयाराम को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। नगीना सिंह की तलाश जारी है।
विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
एक शूटर आरोपी के घर पर ही रहता था
एसपी ने बताया कि शूटर दयाराम नगीना के घर पर ही रहता था। आकाश सिंह भी उसका पुराना परिचित है। कुछ समय पहले आकाश ने नगीना से एक लाख रुपये उधार लिए थे। नगीना ने उससे कहा था कि जय प्रकाश की हत्या कर दे तो ये उधारी खत्म हो जाएगी। यानी एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने शूटरों के पास से दो बाइक, मृतक बैंक अधिकारी की दो फोटो, दो मोबाइल बरामद किए हैं।
150 सीसीटीवी से मिला सुराग
कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिससे सुराग मिल सका। सर्विलांस की मदद से जुटाए गए संदिग्ध नंबरों से आरोपी ट्रेस हुए। शूटरों और नगीना में बातचीत के जब साक्ष्य मिले तो उसके बाद हत्याकांड की एक-एक परत खुलती चली गई।
वारदात के बाद एक शूटर के भागने का चंद सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज मिला था। एसपी ने बताया कि इसी फुटेज के आधार पर उस रूट पर लगे एक-एक कैमरे खंगाले गए। करीब 150 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गए। जिससे घटना का समय स्पष्ट हुआ। यह भी पता चला कि बदमाश किधर से आए थे और किधर से गए और इनकी संख्या दो है।
इसी समयावधि का मोबाइल टॉवर का डाटा डंप करवाकर सक्रिय मोबाइल नंबर चिह्नित किए गए। इसमें से संदिग्ध नंबर निकाले गए। शूटरों को ट्रेस कर पकड़ा गया। पूछताछ में पूरी घटना का खुलासा हो गया। नगीना रकम जय प्रकाश से ले रहा था उसको अलग-अलग कामों में लगा रहा था। नगीना एक माह पहले से हत्याकांड की साजिश रच रहा था। उसके खाते खंगाले जा रहे हैं।
शातिर अपराधी हैं दोनों शूटर
शूटर आकाश के खिलाफ रायबरेली व अमेठी जिले में छह, जबकि दयाराम पासी के खिलाफ रायबरेली, लखनऊ में 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आकाश मूलरूप से उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के बरखेड़ा पोस्टर सुमेरपुर का रहने वाला है, लेकिन वह मौजूदा समय में रायबरेली के आईटीआई कॉलोनी में रहने लगा था।
एसपी ने बताया कि शूटर दयाराम नगीना के घर पर ही रहता था। आकाश सिंह भी उसका पुराना परिचित है। कुछ समय पहले आकाश ने नगीना से एक लाख रुपये उधार लिए थे। नगीना ने उससे कहा था कि जय प्रकाश की हत्या कर दे तो ये उधारी खत्म हो जाएगी। यानी एक लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। पुलिस ने शूटरों के पास से दो बाइक, मृतक बैंक अधिकारी की दो फोटो, दो मोबाइल बरामद किए हैं।
150 सीसीटीवी से मिला सुराग
कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिससे सुराग मिल सका। सर्विलांस की मदद से जुटाए गए संदिग्ध नंबरों से आरोपी ट्रेस हुए। शूटरों और नगीना में बातचीत के जब साक्ष्य मिले तो उसके बाद हत्याकांड की एक-एक परत खुलती चली गई।
वारदात के बाद एक शूटर के भागने का चंद सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज मिला था। एसपी ने बताया कि इसी फुटेज के आधार पर उस रूट पर लगे एक-एक कैमरे खंगाले गए। करीब 150 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखे गए। जिससे घटना का समय स्पष्ट हुआ। यह भी पता चला कि बदमाश किधर से आए थे और किधर से गए और इनकी संख्या दो है।
इसी समयावधि का मोबाइल टॉवर का डाटा डंप करवाकर सक्रिय मोबाइल नंबर चिह्नित किए गए। इसमें से संदिग्ध नंबर निकाले गए। शूटरों को ट्रेस कर पकड़ा गया। पूछताछ में पूरी घटना का खुलासा हो गया। नगीना रकम जय प्रकाश से ले रहा था उसको अलग-अलग कामों में लगा रहा था। नगीना एक माह पहले से हत्याकांड की साजिश रच रहा था। उसके खाते खंगाले जा रहे हैं।
शातिर अपराधी हैं दोनों शूटर
शूटर आकाश के खिलाफ रायबरेली व अमेठी जिले में छह, जबकि दयाराम पासी के खिलाफ रायबरेली, लखनऊ में 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आकाश मूलरूप से उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के बरखेड़ा पोस्टर सुमेरपुर का रहने वाला है, लेकिन वह मौजूदा समय में रायबरेली के आईटीआई कॉलोनी में रहने लगा था।