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Kanpur News: आरक्षण का अनुचित लाभ लेने पर प्रो. राजेश को मिलेगी चार्जशीट
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कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा से जुड़े मामलों में कार्यपरिषद ने सख्त रुख अपनाया है। आरक्षण का अनुचित लाभ लेने पर लाइफ साइंस विभाग के प्रो. राजेश कुमार को चार्जशीट जारी की जाएगी। उन्हें जवाब देने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। वहीं दो अन्य शिक्षकों के प्रमोशन और स्थायीकरण की प्रक्रिया भी फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी। यह निर्णय गुरुवार को कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद की बैठक में लिए गए।
प्रो. राजेश पर अनुशासनहीनता और आरक्षण का अनुचित लाभ लेने के आरोप हैं। विवि प्रशासन ने मई में उन्हें निलंबित कर मामले की जांच कराई थी। कार्यपरिषद के सामने जांच समिति की रिपोर्ट और प्रो. राजेश कुमार की ओर से दिया गया जवाब रखा गया। इन पर विचार के बाद उन्हें चार्जशीट देने का निर्णय हुआ है। अब उन्हें 15 दिन के भीतर आरोपों पर अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद उनके मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
बैठक में बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रेश शर्मा और लाइफ लॉन्ग लर्निंग एंड एक्सटेंशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अभिषेक मिश्रा के मामलों पर भी निर्णय हुआ। दोनों के कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैश) के तहत प्रमोशन और स्थायीकरण पर रोक लगा दी गई।
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प्रो. राजेश पर अनुशासनहीनता और आरक्षण का अनुचित लाभ लेने के आरोप हैं। विवि प्रशासन ने मई में उन्हें निलंबित कर मामले की जांच कराई थी। कार्यपरिषद के सामने जांच समिति की रिपोर्ट और प्रो. राजेश कुमार की ओर से दिया गया जवाब रखा गया। इन पर विचार के बाद उन्हें चार्जशीट देने का निर्णय हुआ है। अब उन्हें 15 दिन के भीतर आरोपों पर अपना पक्ष रखना होगा। इसके बाद उनके मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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बैठक में बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्रेश शर्मा और लाइफ लॉन्ग लर्निंग एंड एक्सटेंशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अभिषेक मिश्रा के मामलों पर भी निर्णय हुआ। दोनों के कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैश) के तहत प्रमोशन और स्थायीकरण पर रोक लगा दी गई।
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