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वह बार-बार कहती रही कुछ देर रुक जाइए...किसी ने न सुनी, फर्श पर कुत्तों के बीच लेटी रही प्रसूता
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 27 Oct 2018 09:26 PM IST
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जिला अस्पताल में फर्श पर लेटी प्रसूता गोद में नवजात वहीं लेटे दो कुत्ते
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रहीं हैं। शनिवार की दोपहर ऐसा नजारा देखने को मिला जब प्रसव उपरांत प्रसूता की स्टाफ ने जबरन छुट्टी कर दी और उसके पास साधन न होने से 24 घंटे पूर्व हुए नवजात को लेकर उसे मजबूरी में फर्श पर ही लेटना पड़ा। इस फर्श के पास आवारा कुत्ते हमेशा की तरह वहीं घूम रहे थे। बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के छोटी मडैय्यन निवासी सुभाष ने बताया कि उसकी पत्नी रेखा की प्रसव उपरांत शनिवार स्टाफ ने जबरन छुट्टी कर दी।
वह बार बार कहती रही कि उसके परिजन आने वाले हैं कुछ देर रुक जाइए लेकिन किसी ने नहीं सुनी। उसकी सास भी बार-बार स्टाफ से यही कहती रही कि इस अवस्था में उसका पैदल चलना मुश्किल है। प्रसूता को बुखार भी था। जब स्टाफ ने जच्चा-बच्चा को वार्ड से हटा दिया तो परिजनों के इंतजार में सास बहू अपने नवजात को लेकर फर्श पर ही बैठ गई। कुछ देर में प्रसूता दर्द व बुखार के कारण लेट गई। उसी फर्श के पास आवारा कुत्ते भी घूम रहे थे। सास नवजात को गोद में लेकर कभी बहू ,कभी नाती तो कभी अपने सामान की सुरक्षा में लगी थी। इस मामले में सीएमएस डा.राजेश खरे ने बताया कि ऐसा मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।
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वह बार बार कहती रही कि उसके परिजन आने वाले हैं कुछ देर रुक जाइए लेकिन किसी ने नहीं सुनी। उसकी सास भी बार-बार स्टाफ से यही कहती रही कि इस अवस्था में उसका पैदल चलना मुश्किल है। प्रसूता को बुखार भी था। जब स्टाफ ने जच्चा-बच्चा को वार्ड से हटा दिया तो परिजनों के इंतजार में सास बहू अपने नवजात को लेकर फर्श पर ही बैठ गई। कुछ देर में प्रसूता दर्द व बुखार के कारण लेट गई। उसी फर्श के पास आवारा कुत्ते भी घूम रहे थे। सास नवजात को गोद में लेकर कभी बहू ,कभी नाती तो कभी अपने सामान की सुरक्षा में लगी थी। इस मामले में सीएमएस डा.राजेश खरे ने बताया कि ऐसा मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है।
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