Hamirpur Double Murder: जिला जेल में बंद कैदी की संदिग्ध हालातों में मौत, परिजन बोले- प्रशासन ने बरती लापरवाही
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में जिला जेल में संदिग्ध परिस्थियों में एक कैदी की मौत हो गई। यह कैदी दोहरे हत्याकांड के मामले में जेल में बंद था। बताया जा रहा है कि कैदी लकवाग्रस्त था और अचानक हालत खराब होने से मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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हमीरपुर जिले में दोहरे हत्याकांड के मामले में लकवाग्रस्त सजायाफ्ता कैदी की बुधवार को अचानक तबियत बिगड़ने पर जिला कारागार के अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। वहीं मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
कुरारा थाना क्षेत्र के चकोठी गांव में बीते 16 मार्च 1994 को गांव निवासी जसवंत सिंह व मोतीलाल वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में मृतक जसवंत सिंह के भाई रमेशचंद्र ने 25 नामजद व चार अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में मामला दर्ज कराया था।
इस मामले में 28 साल बाद बीते 13 सितंबर को विशेष सत्र न्यायाधीश एससी एसटी मोहम्मद असलम ने 17 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इनमें एक ही परिवार के विजय सिंह व उसके तीन पुत्र शिवसिंह उर्फ भूरा, जाहर सिंह व उपेंद्र सिंह शामिल थे।
जाहर सिंह (50) कई वर्ष पूर्व सड़क दुर्घटना में पैरालिसिस (लकवा) बीमारी से ग्रसित हो गया था, जिसके चलते वह चल फिर व बोल नहीं सकता था। आदेश के बाद वह जिला कारागार में निरुद्ध था। बुधवार को सुबह उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई, जिस पर जिला कारागार के सिपाही उसे जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उचित देखभाल व इलाज के अभाव में हुई मौत
मृतक के पुत्र अभय प्रताप सिंह ने जिला कारागार प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि पिता को जिला कारागार में उचित देखभाल व इलाज नहीं मिला, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। दोहरे हत्याकांड में उनके पिता जाहर सिंह, बाबा विजय सिंह, दादा शिव सिंह व चाचा उपेंद्र सिंह को फर्जी फंसाया गया था।
बंदी पैरालिसिस से ग्रसित था, उसका पहले कभी भीषण एक्सीडेंट हुआ था। वह स्ट्रेचर पर ही कारागार आया था। वह खाना भी नहीं खा पाता था, इसलिए उसके साथ उनके एक परिजन को भी जेल अस्पताल में रखा गया था, ताकि उसकी देखभाल में दिक्कत न हो। परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं वह बेबुनियाद हैं। -अनिल कुमार गौतम, जेल अधीक्षक