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चित्रकूट: जेल में कैदी ने की खुदकुशी, दोहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की काट रहा था सजा
Wed, 26 Aug 2020 11:35 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 26 Aug 2020 11:35 PM IST
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मौके पर मौजूद अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट जिले में मां-बेटी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी ने बुधवार की शाम जेल की बैरक में गमछे से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। घटना से जेल परिसर में अफरातफरी मच गई। सूचना पर जेल अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
जिला जेल रगौली में बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के मडैयन के मजरा तालातीर निवासी अनुसुइया उर्फ धर्मराज पटेल (59) पुत्र रामेश्वर उम्रकैद की सजा काट रहा था। धर्मराज ने बड़ी बहन और उसकी बेटी की सन 2011-12 में हत्या कर दी थी। मामले में दोषी मिलने पर उम्रकैद की सजा कोर्ट ने सुनाई थी।
उसको तीन सितंबर 2018 को बांदा जेल से रगौली जेल लाया गया था। जेल में बुधवार को दोपहर तीन बजे के आसपास बैरक नंबर 16 में फांसी के फंदे पर झूलता मिला। जेल के बंदियों ने जैसे ही उसको फांसी पर लटकता देखा तो सूचना जेल अफसरों को दी।
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जेल प्रशासन ने कैदी का पोस्टमार्टम कराया है। कैदी के परिजनों ने खुदकुशी पर संदेह जताया है। उधर, जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि कैदी को बैरक नंबर 16 में रखा गया था। बैरक के पीछे लगी जाली में गमछे से फांसी का फंदा बनाकर खुदकुशी की है।
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जिला जेल रगौली में बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के मडैयन के मजरा तालातीर निवासी अनुसुइया उर्फ धर्मराज पटेल (59) पुत्र रामेश्वर उम्रकैद की सजा काट रहा था। धर्मराज ने बड़ी बहन और उसकी बेटी की सन 2011-12 में हत्या कर दी थी। मामले में दोषी मिलने पर उम्रकैद की सजा कोर्ट ने सुनाई थी।
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उसको तीन सितंबर 2018 को बांदा जेल से रगौली जेल लाया गया था। जेल में बुधवार को दोपहर तीन बजे के आसपास बैरक नंबर 16 में फांसी के फंदे पर झूलता मिला। जेल के बंदियों ने जैसे ही उसको फांसी पर लटकता देखा तो सूचना जेल अफसरों को दी।
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जेल प्रशासन ने कैदी का पोस्टमार्टम कराया है। कैदी के परिजनों ने खुदकुशी पर संदेह जताया है। उधर, जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि कैदी को बैरक नंबर 16 में रखा गया था। बैरक के पीछे लगी जाली में गमछे से फांसी का फंदा बनाकर खुदकुशी की है।
कैदी की खुदकुशी की होगी न्यायिक जांच
रैपुरा में मां बेटी की निर्मम हत्या करने वाले आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी अनुसुइया पटेल की जेल में खुदकुशी मामले की न्यायिक जांच होगी। जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पत्र लिखकर न्यायिक जांच कराने को कहा गया है। वहीं सदर एसडीएम रामप्रकाश व कोतवाल पंकज पांडेय ने जिला अस्पताल में कैदी के परिजनों व डाक्टर से जानकारी ली।
इसके बाद एसडीएम जिला जेल पहुंचे और जेल अधीक्षक, वार्डन व अन्य ड्यूटी में मौजूद कर्मियों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा कैदी के बैरक के अन्य कैदियों के भी बयान दर्ज किए गए। मृतक के पुत्र अरविंद ने बताया कि दिसंबर 2019 में वह पिता से मिलने जेल गया था, जबकि जनवरी 2020 में मां पिता से मिलने गई थी। उन्होंने किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की थी। वहीं कैदी के भतीजे जानकी प्रसाद ने आरोप लगाया कि परिजनों को पुलिस ने शव देखने नहीं दिया।
दिसंबर में भी बंदी ने की थी खुदकुशी
जिला जेल में दिसंबर 2019 को राजापुर क्षेत्र के बंदी रामबाबू ने भी फांसी लगाकर खुदकुशी की थी। उसने भी बाथरूम के दरवाजे की रेलिंग में फंदा लगाकर खुदकुशी की थी। इसके बाद से बंदियों को साफी देने पर रोक लगी थी। जेल अधीक्षक ने बताया कि कोरोना के चलते मास्क व अंगौछा बंदियों को दिए गए हैं।
रैपुरा में मां बेटी की निर्मम हत्या करने वाले आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी अनुसुइया पटेल की जेल में खुदकुशी मामले की न्यायिक जांच होगी। जेल अधीक्षक श्रीप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पत्र लिखकर न्यायिक जांच कराने को कहा गया है। वहीं सदर एसडीएम रामप्रकाश व कोतवाल पंकज पांडेय ने जिला अस्पताल में कैदी के परिजनों व डाक्टर से जानकारी ली।
इसके बाद एसडीएम जिला जेल पहुंचे और जेल अधीक्षक, वार्डन व अन्य ड्यूटी में मौजूद कर्मियों के बयान दर्ज किए। इसके अलावा कैदी के बैरक के अन्य कैदियों के भी बयान दर्ज किए गए। मृतक के पुत्र अरविंद ने बताया कि दिसंबर 2019 में वह पिता से मिलने जेल गया था, जबकि जनवरी 2020 में मां पिता से मिलने गई थी। उन्होंने किसी तरह की कोई शिकायत नहीं की थी। वहीं कैदी के भतीजे जानकी प्रसाद ने आरोप लगाया कि परिजनों को पुलिस ने शव देखने नहीं दिया।
दिसंबर में भी बंदी ने की थी खुदकुशी
जिला जेल में दिसंबर 2019 को राजापुर क्षेत्र के बंदी रामबाबू ने भी फांसी लगाकर खुदकुशी की थी। उसने भी बाथरूम के दरवाजे की रेलिंग में फंदा लगाकर खुदकुशी की थी। इसके बाद से बंदियों को साफी देने पर रोक लगी थी। जेल अधीक्षक ने बताया कि कोरोना के चलते मास्क व अंगौछा बंदियों को दिए गए हैं।