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राष्ट्रपति व सतीशचंद्र की लोकसभा चुनाव में हुई प्रगाढ़ मित्रता

Tue, 22 Jun 2021 01:21 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 01:21 AM IST
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President and Satishchandra had a close friendship in the Lok Sabha elections
पुखरायां। कस्बे के सतीश चंद्र मिश्र और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कानपुर के बीएनएसडी कॉलेज में अलग-अलग कक्षाओं में पढ़े हैं। जिसके कारण कुछ पहचान रही। 1991 में घाटमपुर लोकसभा का चुनाव होने पर उनकी मित्रता प्रगाढ़ हुई। राष्ट्रपति के घर आने की जानकारी से सतीश चंद्र मिश्र के परिवारीजन काफी खुश हैं।
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राष्ट्रपति के मित्र सतीशचंद्र मिश्र ने बताया कि वह दोनों लोग बीएनएसडी कॉलेज में पढ़ते थे। इसलिए मुलाकात पहले से थी। यही हाल डीएवी कॉलेज मेें रहा। इसके बाद राष्ट्रपति एलएलबी करने लगे और वह पुखरायां आ गए। पक्की दोस्ती 1991 में जब रामनाथ कोविंद घाटमपुर सेे लोकसभा का चुनाव लड़ने आए, तब हुई। जिसमें पुरानी बातें ताजा हुई। कस्बे के ही मित्र रहे स्व. केदार द्विवेदी ने राष्ट्रपति को संघ के वीरेश्वर द्विवेदी से मिलवाकर अशोक सिंघल से संपर्क कराया था।
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जिसके बाद से उनकी मित्रता इतनी पक्की हुई कि किसी भी निर्णय में वह सलाह करने लगे। कार्यक्रमों में भी परिवार के साथ आना जाना होता रहा। रामनाथ कोविंद वर्ष 1994 व 2000 में राज्यसभा सदस्य चुने गए। 2007 में विधानसभा का चुनाव लड़ा। जिसमें मित्रवत संबंध बने रहे। आठ अगस्त 2015 में बिहार का राज्यपाल बनने पर शपथ ग्रहण समारोह में उन्हें पटना में विशेष अतिथि के रूप में बुलाया गया था।
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इसके बाद पुखरायां आने पर भी घर में आकर मुलाकात की थी। 20 जुलाई 2017 को राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह में भी वह दिल्ली गए थे। 27 जून व राष्ट्रपति उनसे मिलने के लिए परिवार के साथ आ रहे हैं, इसकी बेहद खुशी है।
राष्ट्रपति के संदेश पर मिली थी दवाएं
पुखरायां। कोरोना के चलते लगाए गए लॉकडाउन के समय सात जून 2020 को सतीश चंद्र मिश्र घर के बाथरूम में बेहोश होकर गिर गए। डॉक्टर की लिखी कुछ दवाएं पुखरायां में नहीं मिल पाई थी। भोगनीपुर विधायक विनोद कटियार ने भी काफी कोशिश की, लेकिन दवाएं नहीं मिलीं। इसकी जानकारी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को होने पर उन्होंने कानपुर के डीएम को संदेश भेजा था। जिस पर घाटमपुर के तत्कालीन एसडीएम उनके घर दवाएं पहुंचाने आए थे।
विधानसभा चुनाव के दौरान केदारनाथ के घर रुके थे राष्ट्रपति
पुखरायां। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पुखरायां आने पर करीबियों में काफी खुशी है। राजेंद्र नगर निवासी स्व. केदारनाथ द्विवेदी की पत्नी रमाकांती द्विवेदी ने बताया कि पूर्व में राष्ट्रपति 2007 के विधान सभा चुनाव के दौरान एक महीना उन्हीं के घर में पत्नी सविता कोविंद के साथ परिवार की तरह रहे थे और वहीं पर भोजन करते रहे। राष्ट्रपति उनके पति केदारनाथ द्विवेदी के साथ बैठकर राजनीति सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा किया करते।
उनको नाश्ते में दलिया और पालक की सब्जी बेहद पसंद है। 28 अप्रैल 2009 में हुए बेटे विवेक द्विवेदी के तिलक समारोह में वह परिवार के साथ शामिल हुए थे। बिहार के राज्यपाल बनने पर आठ मई 2016 को पुखरायां आए थे। उस समय पति केदारनाथ द्विवेदी के निधन की जानकारी होने पर दुख जताया था।
अफसरों ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थल का लिया जायजा
पुखरायां। कस्बा के इंटर कॉलेज मैदान में राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियों का विधायक विनोद कटियार, डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह व एसपी केशव कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारियों ने जायजा लिया। उन्होंने पांच हेलीकॉप्टर उतरने के लिए बनाए जा रहे हेलीपैड को देखा। पांडाल के निर्माण का बारीकी से निरीक्षण किया। डीएम ने एसडीएम दीपाली भार्गव से हैलीपैड निर्माण की जानकारी ली।
डिग्री कॉलेज प्रांगण में दो हाल व इंटर कॉलेज के अंदर से मेन रोड तक आने जाने की व्यवस्था जांची गई। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष सत्यप्रकाश संखवार, कॉलेज प्रबंधक श्रीप्रकाश द्विवेदी, प्रधानाचार्य ब्रजकिशोर अग्रवाल, एएसपी घनश्याम चौरसिया, सीओ प्रभात कुमार, नायब तहसीलदार मनीष द्विवेदी, ईओ रामअचल कुरील आदि मौजूद रहे हैं।
पुखरायां में 50 लोगों से मुलाकात की तैयारी
पुखरायां। कस्बा आगमन पर राष्ट्रपति चिह्नित 50 लोगों से मुलाकात करेंगे। मिलने वालों की कोविड टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव होना जरूरी है। एसडीएम दीपाली भार्गव ने बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सतीशचंद्र मिश्र के घर जाकर मुलाकात करने की जानकारी है। पांडाल में करीब 50 लोगों से मुलाकात की संभावना है। सभी के बैठने का इंतजाम किया जा रहा है। कोविड नियमों का पालन सभी को करना होना। लिस्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।

13 शौचालयों में बदले दरवाजे, कराई सफाई
कानपुर देहात। राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में 726 शौचालय हैं। इसमें 13 में दरवाजे जर्जर हो चुके थे। वहीं 60 से 70 शौचालयों पर लकड़ी आदि रखी थी। ग्रामीणों को छत की सफाई करने के निर्देश के बाद भी उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। सोमवार को डीपीआरओ ने 70 शौचालयों के ऊपर फैली गंदगी साफ कराई। डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 13 शौचालयों के दरवाजे बदल दिए गए हैं। शौचालयों को पहले ही एक रंग में रंगा जा चुका है।
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