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जानें क्या-क्या नहीं बांट सकते हैं आपके प्रत्याशी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:01 AM IST
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विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों को टोपी बांटने की छूट दी गई है लेकिन किसी प्रत्याशी या उसके समर्थक ने शर्ट, टी शर्ट, साड़ी और धोती बांटी तो वोटर को घूस देने के मामले में कार्रवाई होगी। चुनाव आयोग ने कानपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी को इसे आचार संहिता के पालन में शामिल कर कार्रवाई करने को कहा है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि टोपी पर अगर प्रत्याशी का नाम हुआ तो उसका खर्च प्रत्याशी के खर्च में जुड़ेगा। अगर टोपी पर सिर्फ पार्टी का चुनाव चिह्न हुआ तो उसे संबंधित पार्टी के खर्च खाते में डाला जाएगा। नामांकन के समय प्रत्याशियों द्वारा दिए गए हलफनामे में पति, पत्नी, बच्चों और आश्रितों के खाते की जानकारी दी जाएगी। इसी जानकारी के आधार पर प्रत्याशियों के आश्रितों के खाते की निगरानी भी होगी। आश्रितों के खाते से अगर एक लाख की नगदी निकली या जमा हुई तो ब्योरा देना होगा। कोई भी दल या प्रत्याशी 20 हजार रुपये से ज्यादा का नगद भुगतान नहीं कर सकेगा। शराब और बियर की बिक्री पर भी नजर रखी जाएगी। दुकानों का पिछले साल में इन महीनों में हुई तुलनात्मक बिक्री का ब्योरा तैयार किया जाएगा। इससे देखा जाएगा कि किसी दुकान से बड़ी तादाद में शराब की बिक्री तो नहीं हुई।
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चुनाव आयोग ने कहा है कि टोपी पर अगर प्रत्याशी का नाम हुआ तो उसका खर्च प्रत्याशी के खर्च में जुड़ेगा। अगर टोपी पर सिर्फ पार्टी का चुनाव चिह्न हुआ तो उसे संबंधित पार्टी के खर्च खाते में डाला जाएगा। नामांकन के समय प्रत्याशियों द्वारा दिए गए हलफनामे में पति, पत्नी, बच्चों और आश्रितों के खाते की जानकारी दी जाएगी। इसी जानकारी के आधार पर प्रत्याशियों के आश्रितों के खाते की निगरानी भी होगी। आश्रितों के खाते से अगर एक लाख की नगदी निकली या जमा हुई तो ब्योरा देना होगा। कोई भी दल या प्रत्याशी 20 हजार रुपये से ज्यादा का नगद भुगतान नहीं कर सकेगा। शराब और बियर की बिक्री पर भी नजर रखी जाएगी। दुकानों का पिछले साल में इन महीनों में हुई तुलनात्मक बिक्री का ब्योरा तैयार किया जाएगा। इससे देखा जाएगा कि किसी दुकान से बड़ी तादाद में शराब की बिक्री तो नहीं हुई।
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