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Kanpur News: चांद को अर्घ्य देकर पति की दीर्घायु के लिए की कामना

Fri, 30 Oct 2026 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Fri, 30 Oct 2026 12:45 AM IST
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Praying for the long life of the husband by offering prayers to the moon
कानपुर देहात। करवाचौथ पर बृहस्पतिवार की शाम को चांद के दर्शन के लिए सजी-धजी सुहागिनों को आसमान में छाए बादलों की वजह से घंटों इंतजार करना पड़ा। देर रात को चांद के दीदार होते ही निर्जला व्रत रहीं सुहागिनों का चेहरा खिल उठा और अर्घ्य देकर पति की दीर्घायु के लिए आशीर्वाद लिया।
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पर्व को लेकर सुबह से घरों में पकवान बनाने का सिलसिला शुरू हो गया। शाम होते ही पूजन की तैयारियां शुरू कर दी गई। सुहागिनों ने शादी के जोड़े या नई साड़ी, लहंगा पहन दुल्हन की तरह शृंगार किया। पूरी रीति-रिवाज के साथ करवाचौथ का निर्जला व्रत रखा। सूर्य ढलते ही घरों की छतों पर रौनक बिखर गई। अंधेरा होने पर छतों व बरामदों में कलश, सींके, दीया और भोग लेकर पहुंच गईं। आसमान में चांद निकलने का सुहागिनों को बेसब्री से इंतजार रहा और बार-बार आसमान की ओर निहारती रहीं।
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देर शाम करीब 8:05 बजे आसमान में चंद्रोदय हुआ तो सुहागिनों के चेहरे खिल गए। विधि-विधान से पूजन कर चलनी से चांद का दीदार किया। कलश से अर्घ्य देकर पूजन किया और भोग लगाया। इसके बाद पति के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और उनके हाथों से पानी पीकर व्रत का पारण किया। पतियों ने पत्नियों को उपहार दिए। वहीं, मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई। साथ ही परंपरानुसार बुजुर्ग महिलाओं से व्रत कथा सुनी।
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इधर, पुखरायां में भी परिवार की खुशहाली और पति की दीर्घायु की कामना ने बृहस्पतिवार को सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। शाम को चांद निकलने पर पूजन किया। करवा चौथ का त्योहार कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अखंड सुहाग की कामना ने सुबह से ही निर्जला व्रत रखा। इसको लेकर नई नवेली दुल्हनों में विशेष उत्साह रहा। देर से चांद के बादल में लुका-छिपी दीदार होने पर सींक लगे करवा की टोटी से दीपक जलाकर अर्घ्य दिया। मिष्ठान मेवा लड्डू व पकवान का भोग लगाया। प्रसन्नता के साथ परिवार के सदस्यों को प्रसाद दिया। पंडित राजकुमार द्विवेदी ने बताया कि शाम 7.57 पर चंद्रोदय होना था। तभी समय पर चांद दिखाई नहीं दिया।
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