फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   ppe kit

कोरोना रोज खर्च करा रहा है 20 लाख की पीपीई किट

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 26 Apr 2020 07:45 PM IST
विज्ञापन
ppe kit
माई सिटी रिपोर्टर कानपुर। कोरोना ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पतालों का खर्च बढ़ा दिया है। ऐसे मरीजों की जांच और इलाज में लगे डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य कर्मियों को इस वायरस से बचाने के लिए रोज करीब 20 लाख रुपये की पीपीईकिट खर्च ही रही हैं। अन्य खर्चे अलग। पड़ताल करने पर पता चला कि मेडिकल कॉलेज और हैलट में ही रोज 10 लाख रुपये से ज्यादा की पीपीई किट , (पर्सनल प्रोटेक्शन किट) खर्च हो रही हैं। इस से संबंध में हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ आर के मौर्या ने बताया कि अस्पताल के कोविड-19 वार्डों, इमरजेंसी, जच्चा बच्चा अस्पताल, स्त्री रोग विभाग और मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग मैं रोज लगभग 1000 पीपीई किट खर्च हो रही हैं। सभी जगह तीन शिफ्टों में ड्यूटी लग रही है। सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी पीपीई किट उपलब्ध कराई जा रही है। यदि कोविड-19 वार्ड में इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर आदि को भेजना पड़ता है तो उन्हें भी पीपीटी दी जाती है। एक निजी कंपनी से 943 रुपये की दर से पीपीई किट खरीदी जा रही है, पर इनमें एन95 मास्क नहीं है, इन्हें अलग से खरीदना पड़ रहा है। इस प्रकार एक कंपलीट किट लगभग 1100 रुपए की पड़ रही है। तीन शिफ्टों में रोज 10 लाख से ज्यादा का खर्चा सिर्फ इसी मद में हो रहा है। इसी तरह कोरोना मरीजों का इलाज के रहे कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय, उर्सला, डफ़रिन सहित अन्य अस्पतालों और रेड जोन में जांच करने जा रही टीमों पर भी इस मद में रोज लगभग 10 लाख का खर्च हो रहा है। ये किट एक बार पहनने के बाद बेकार हो जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed