नगर निगमों के अधिकार बढ़े: महापौर परिषद ने पारित किया प्रस्ताव, शहर बनेंगे बेहतर और जन समस्याओं का होगा तत्काल निराकरण
अखिल भारतीय महापौर परिषद ने नगर निगमों के अधिकार बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इसी के साथ 74वां संविधान संशोधन लागू करने का प्रस्ताव भी पारित हो गया है। इससे नगर निगमों में बेहतर कामकाज संभव होगा। साथ ही, प्रशासन की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
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अखिल भारतीय महापौर परिषद के 112वें सम्मेलन में नगर निगम के अधिकार बढ़ाने के प्रस्ताव को पारित कर दिया गया है। इस सम्मेलन में सात राज्यों से आए महापौरों ने शहर स्वराज्य पर सहमति जताई और 30 साल पहले संसद में पारित 74वां संविधान संशोधन लागू करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया। अखिल भारतीय महापौर परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन जैन ने बताया कि अब वह इस पारित प्रस्ताव को लागू करने की सिफारिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करेंगे।
उन्होंने बताया कि आईएएस का म्युनिसिपल कैडर गठित किए जाने के लिए एक्ट में संशोधन किए जाने का प्रस्ताव भी परिषद ने पारित किया है।नगर निगमों में जो नगर आयुक्त तैनात किए जाते हैं। उनका तबादला जल्द ही कहीं और हो जाता है या वह खुद चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी जिलाधिकारी बन जाएं। इस वजह से नगर निगम के कार्यों पर वह ध्यान नहीं दे पाते। लिहाजा यह जरूरी है कि नगर निगमों का अलग का आईएएस कैडर हो। कहीं भी इस कैडर के अधिकारी का तबादला हो, तो तैनाती नगर निगम में ही हो। इससे शहरों की स्थिति बेहतर बनेगी और जन समस्याओं का तत्काल निराकरण हो सकेगा।
परिषद की बैठक में राष्ट्रीय महासचिव उमाशंकर गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष उमेश गौतम व छत्तीसगढ़ महापौर परिषद के अध्यक्ष मोहम्मद एजाज ने भी अपने अनुभव साझा किए और प्रस्ताव रखे। समापन सत्र का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री प्रतिभा शुक्ला और जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने किया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कानपुर की महापौर प्रमिला पांडे ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।