वेट और पावर लिफ्टिंग खिलाड़ियों को सरकार नहीं देती है सपोर्ट
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मंदीप बताते हैं कि उनके पिता सतीश चंद्र रेलवे पुलिस में हैं। साल 2009 में वह ट्रांसफर के बाद बागपत से कानपुर आए थे। पिछले आठ सालों से मंदीप कानपुर में रह रहे हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध वीएसएसडी कॉलेज में बीकॉम करने के दौरान साल 2013 में उन्होंने पावर लिफ्टिंग खेलना शुरु किया। मंदीप 250 किलो की स्क्वायट, 110 की बेंच प्रेस और 200 किलो की डेड लिफ्ट खेलते हैं। ग्रीनपार्क स्टेडियम में आयोजित यूनिवर्सिटी के खेल महोत्सव में उन्होंने पहली बार वेट लिफ्टिंग शुरू की। चंदौली में आयोजित स्टेट वेट लिफ्टिंग प्रतियोगिता में मंदीप ने हाल ही में गोल्ड मेडल हासिल कर कानपुर जिले का मान बढ़ाया है। अब वह एशियन गेम्स में जाने की तैयारी कर रहे हैं। सेलेक्शन के बाद उनकी ट्रेनिंग जमशेदपुर से होगी। मंदीप के परिवार में दो बहनें हैं बड़ी बहन सोनिया नेशनल कबड्डी खिलाड़ी हैं और छोटी बहन तनिशा एथलीट हैं। पिता कबड्डी के खिलाड़ी रह चुके हैं। मंदीप का बचपन से ही खेल में रुझान था। मंदीप अपनी डाइट के बारे में बताते हैं कि वह हर रोज 5 लीटर दूध, 4 अंडे, 4 ब्राउन ब्रेड लेते हैं। दोपहर में फल, सब्जियां और जूस लेते हैं। शाम को हमेशा लाइट फूड (हल्का भोजन ) ही खाते हैं। केरल, जम्मू और लखनऊ में हुई नेशनल लेवल की पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में मंदीप 3 गोल्ड मेडल और कानपुर जिले में हुई प्रतियोगिताओं में 11 गोल्ड मेडल हासिल कर चुके हैं। मंदीप अपने कोच राहुल कुमार शुक्ला और सौरभ गौड़ से ट्रेनिंग ले रहे हैं।
प्रोफाइलः-
नामः मंदीप कुमार
जन्मः 20 दिसंबर 1996
निवासः रेलवे कॉलोनी, अनवरगंज स्टेशन
पिताः सतीश चंद्र (रेलवे पुलिस)
मांः सुरेश देवी
शिक्षाः एमकॉम फाइनल ईयर में पढ़ रहे
उपलब्धिः सीनियर नेशनल 2017 में स्ट्रेंथ लिफ्टिंग सिल्वर और ब्रॉन्ज मैडेल, गुवाहाटी
वेटः 120 प्लस में खेलते हैं